'आउटसोर्सिग अमेरिका से रोजगार छीनने का भारतीय षड्यंत्र नहीं'
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा पर रवाना होने से कुछ घंटे पहले मैकेन ने शुक्रवार को कार्नेगी इंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस की एक परिचर्चा में कहा कि वैश्वीकरण की प्रक्रिया से बेचैन होकर हम अपनी छुद्र राजनीतिक स्वार्थो के लिए भारत पर दोष नहीं मढ़ सकते।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिग आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक अनिवार्य सच्चाई है। इसके लिए भारत को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। अमेरिका को भारतीय कामगारों के विरुद्ध कोई भी फैसला लेने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत रणनीतिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन डेमोक्रेट नेताओं की घरेलू राजनीति इस साझेदारी के सामने सबसे बड़ा खतरा है।
इधर भारत के विपक्ष की भी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां विपक्षी सत्ता पक्ष की उन्हीं बातों के लिए आलोचना करते हैं, जो वे खुद सत्ता में होने पर करते।
उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से इस रणनीतिक साझेदारी के लिए जनसमर्थन बनाने की अपील की।
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में 2 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत हासिल हुआ है। अमेरिका से भारत सहित दूसरे देशों को काम की आउटसोर्सिंग इस चुनाव में एक बड़ा मुद्दा था।
इस चुनावी अभियान में ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी ने आउटसोर्सिग का विरोध किया था और आउटसोर्सिग करने वाली कम्पनियों को कर छूट का लाभ नहीं देने का संकल्प किया था।
फिलहाल ओबामा की भारत यात्रा में उनके साथ बड़ी संख्या में अमेरिकी कारोबारी आए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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