ओबामा यात्रा : भारत-अमेरिका के बीच होंगे 15 अरब डॉलर के सौदे
ये सौदे इस प्रकार हैं :
भारी परिवहन विमान : बोइंग कम्पनी और भारतीय वायु सेना के बीच 10 सी-17 ग्लोबमास्टर-3 सैन्य परिवहन विमान के लिए प्रारम्भिक समझौता। यह सौदा करीब 4.1 अरब डॉलर का है और इससे 22,160 नौकरियों को सुरक्षा मिलेगी।
हल्के लड़ाकू विमान के लिए इंजन की बिक्री : कनेक्टिकट की कम्पनी जेनरल इलेक्ट्रिक हल्के लड़ाकू विमान तेजस के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को 107 इंजनों की आपूर्ति करेगी। यह सौदा करीब 82.2 करोड़ डॉलर का है और इससे 4,440 नौकरियों को सुरक्षा मिलेगी।
व्यावसायिक विमानों की बिक्री : बोइंग कम्पनी 30 संख्या में 737-800 व्यावसायिक विमान स्पाइस जेट को बेचेगी। स्पाइस जेट के पास अभी 22 बोइंग विमान हैं। यह सौदा करीब 2.7 अरब डॉलर का है और इससे 12,970 नौकरियों को सुरक्षा मिलेगी।
गैस और स्टीम टरबाइन की बिक्री : जेनरल इलेक्ट्रिक भारतीय कम्पनी रिलायंस पावर (अनिल धीरू भाई अम्बानी समूह) की 2,500 मेगावाट की समालकोट बिजली परियोजना के लिए छह उन्नत गैस टरबाइन और तीन स्टीम टरबाइनों की आपूर्ति करेगी। यह सौदा करीब 75 करोड़ डॉलर का है और इससे 2,650 नौकरियों को सुरक्षा मिलेगी।
ढांचागत परियोजनाओं में वित्तीय सहयोग : अमेरिका का एक्सिम बैंक एक समझौता के तहत अनिल धीरूभाई अम्बानी समूह की प्रमुख कम्पनी रिलायंस पावर को अमेरिकी सामानों और सेवाओं की खरीदारी के लिए पांच अरब डॉलर का वित्तीय सहयोग देगा। यह सौदा 8,000 मेगावाट के गैस आधारित बिजली इकाइयों और 900 मेगावाट के नवीकरणीय ऊर्जा के लिए है।
डीजल लोकोमोटिव निर्माण संबंधी उद्यम : भारतीय रेल मंत्रालय ने 10 सालों में 1,000 डीजल लोकोमोटिव के निर्माण और आपूर्ति के लिए जीई ट्रांसपोर्टेशन और इलेक्ट्रोमोटिव डीजल के पूर्व-चयन की घोषणा की है। यह सौदा एक अरब डॉलर से अधिक का है।
मोटरसाइकिल एसेंबली संयंत्र : हर्ले-डेविडसन मोटर कम्पनी ने कहा है कि वह भारत में मोटरसाइकिल की एसेंबली के लिए एक संयंत्र लगाने की तैयारी कर रहा है।
खनन उपकरण : अमेरिका के आयात-निर्यात बैंक ने रिलायंस पावर की सहायक इकाई सासन पावर को एक्सपोर्ट फाइनेंस गारंटी के तहत 90 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता की स्वीकृति की घोषणा की है। इसके तहत मध्य प्रदेश के 3,960 मेगावाट के कोयला आधारित बिजली संयंत्र के लिए अमेरिका से खनन उपकरणों और सेवाओं की आपूर्ति की जाएगी। इस सौदे की अमेरिकी निर्यात में 64.1 करोड़ डॉलर की हिस्सेदारी होगी और इससे 3,460 नौकरियों को सुरक्षा मिलेगी।
टनलिंग उपकरण: ओहियो की कम्पनी रॉबिन्सन ने टनल बोरिंग मशीनें, मालवाहक उपकरण और मुंबई में प्रौद्योगिकी सहायता सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समझौते की घोषणा की। केवल मुंबई के लिए इस सौदे की कीमत एक करोड़ डॉलर और अमेरिका में 70 लाख डॉलर है। इस निर्यात सौदे से अमेरिका में 35 रोजगार संरक्षित होंगे।
होमलैंड सिक्योरिटी पायलट प्रोजेक्ट: सिलिकॉन वैली की प्लांटियर टैक्नोलॉजीज ने महाराष्ट्र प्रदेश पुलिस के साथ सुरक्षा क्षेत्र में एक पायलट परियोजना के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की इसके अंतर्गत कम्पनी प्रदेश में सुरक्षा संबंधी चेतावनियां जारी करने के लिए एक सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म विकसित करेगी जिससे प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर चेतावनी मिल सकेगी।
मेदांता ड्यूक शोध संस्थान: स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख कम्पनी और गुड़गांव में मेदांता मेडीसिटी शुरू कर चुकी उत्तर कैरोलिना की ड्यूक मेडीसिन ने घोषणा की है कि वह भारत में क्लीनिकल शोध के लिए संयुक्त उपक्रम स्थापित करेगी। इसके लिए ड्यूक उत्तर प्रदेश की जुबिलेंट लाइफ साइंसेज के साथ समझौता करेगी।
- ग्रामीण दूरसंचार के लिए विस्तृत दायरे का एंटीना सिस्टम: एसपीएस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज लंबी दूरी के कवरेज वाले एंटीना सिस्टम लगाने के लिए दो भारतीय मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियों के साथ पायलट परियोजना के अंतिम चरण में पहुंची। प्रारंभिक परीक्षण उपकरणों की खरीद का सौदा 10 लाख डॉलर का होने की उम्मीद। इस योजना में 100 प्रतिशत अमेरिकी उपकरणों का इस्तेमाल होगा
पूर्व निर्मित आवास: स्पेनक्रीट मशीनरी ऑफ विस्कोन्सिन ने अपने खोखले कोर के छह सेट, उत्पादन उपकरणों की बिक्री के लिए हिन्दुस्तान प्रीफेब के साथ सौदे की घोषणा की। इसमें उपकरणों की स्थापना, प्रशिक्षण और बिक्री बाद सहयोग भी शामिल है। इस सौदे की कीमत 3.5 करोड़ डॉलर है और इससे 30 रोजगार संरक्षित होंगे।
मोबाइल फोन विपणन सेवा: कैलीफोर्निया की कम्पनी नोकिया के साथ समझौते के तहत भारत में एक नया मोबाइल फोन उतारेगी और बेवसाइट आधारित विपणन सेवा शुरू करेगी। इस प्रौद्योगिकी से भारत के छोटे और मझोले उद्योगों को मदद मिलेगी।
विशिष्ट पहचान परियोजना: एल-1 आइडेंटिटी सॉल्यूशन्स और अन्य अमेरिकी कम्पनियां जो कि भारतीय राष्ट्रीय पहचान प्राधिकरण द्वारा चुनी गई हैं, पहचान संख्या वितरण के पहले चरण के काम में शामिल होंगी।
ईंधन सेल अनुसंधान के लिए शुद्ध मापन उपकरण: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बनारस को पेन्सिलवानिया के उन्नत मापन उपकरणों का निर्यात किया जाएगा।
विस्फोटकों का पता लगाने में सक्षम उपकरण: मेसाच्युसेट्स के प्रत्यारोपण विज्ञान संस्थान ने रक्षा मंत्रालय को अपने क्वांटम एच-150 खोजी उपकरणों की आपूर्ति का समझौते की घोषणा की। इनका उपयोग सेना विस्फोटक, बम बनाने में उपयोगी पदार्थो को खोजने में करेगी। इस सौदे की कीमत 60 लाख डॉलर रहेगी इससे अमेरिका में 30 रोजगार संरक्षित होंगे।
हेलीकॉप्टर बिक्री: टैक्सास के बेल हेलीकॉप्टर ने स्पेन एयर के साथ मिलकर निजी भारतीय एयर चार्टर कम्पनी से समझौते की घोषणा की। बेल भारत में अब तक 100 हेलीकॉप्टर बेच चुकी है।
पूर्व स्वामित्व वाले स्वास्थ्य उपकरण: न्यू हैम्पशायर का स्कैली मेडिकल भारत में दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के अस्पतालों को नवीनीकृत स्वास्थ्य उपकरण बेचेगा।
इमारतों में हरियाली के लिए नियंत्रण उपकरण: न्यूजर्सी की नोवेदा टेक्नोलॉजीज चेन्नई की विजिन टेक्नोलॉजीज के साथ संयुक्त रूप से इमारतों की हरियाली संरक्षित करने के लिए वेब आधारित ऊर्जा नियंत्रण उपकरणों का विकास करेगी।
महाराष्ट्र के लिए खुदाई उपकरण: मैरीलैंड की एलीकॉट ड्रेडेज महाराष्ट्र के मैरीटाइम बोर्ड को दो कटर ड्रेडेज बेचेगी। इन उपकरणों का उपयोग बंदरगाहों और मछुआरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले इलाकों में किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications