इंडोनेशिया में ज्वालामुखी में गड़गड़ाहट जारी, उड़ानें रद्द
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के एक अधिकारी अगम वर्दात्मा ने बताया कि 26 अक्टूबर से ज्वालामुखी में जारी सिलसिलेवार विस्फोट के चलते 116 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले इसे 122 बताया जा रहा था।
उन्होंने बताया, "मरने वालों की संख्या के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन यह सही आंकड़ा है।"
वर्दात्मा ने कहा, "हालात अभी खतरनाक बने हुए हैं।"
एजेंसी ने बताया कि शुक्रवार के बाद से माउंट मेरापी के 15-20 किलोमीटर के इलाके से 200,000 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि मध्य जावा इलाके में 250,000 लोग रहते हैं।
राष्ट्रपति के आपदा मामलों के एक सहयोगी एंडी अरीफ ने कहा कि शनिवार को कैंगक्रिंगन इलाके से तीन शव निकाले गए।
एक बचाव कर्मी बेई ग्वात्मा ने बताया कि शुक्रवार को ज्वालामुखी विस्फोट के कारण गांव नष्ट हो गए हैं।
ग्वात्मा ने बताया, "गांव भूतों के शहर में तब्दील हो गए हैं और बिल्कुल एक डरावनी फिल्म की तरह दिख रहे हैं। तलाशी अभियान में और शवों के पाए जाने की आशंका है।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि शुक्रवार को ज्वालामुखी विस्फोट से ग्रामीण ज्यादा सहमे हुए हैं।"
शुक्रवार को हुए ज्वालामुखी विस्फोट से पहले संपत्ति और खुद की सुरक्षा को लेकर कई ग्रामीण घर छोड़ने से इंकार कर रहे थे। मेरापी में लगातार विस्फोट होने की वजह से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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