अमेरिकी कम्पनियों को व्यापार बाधाएं कम होने की उम्मीद
ओबामा के साथ भारत दौरे पर आए अमेरिकी वाणिज्य मंत्री गैरी लॉक ने शनिवार को एक व्यापार बैठक में कहा कि विदेशी निवेश और निर्यात को लेकर भारतीय नीतियां पूरी तरह पारदर्शी नही हैं।
दोनों देशों के प्रमुख उद्यमियों की इस बैठक में लॉक ने कहा, "यह नियम विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के बजाय उसे रोकेंगे। अमेरिकी कम्पनियां व्यापार के समान अवसर चाहती हैं जिससे वह वास्तविक रूप से प्रतिस्पर्धा में शामिल हों।"
प्रशासन के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मैक्सिको की सीमा पर सुरक्षा जरूरतों के लिए 60 करोड़ डॉलर की राशि जुटाने के लिए बढ़ाई गई वीजा फीस भारतीय कम्पनियों को ध्यान में रखकर नहीं बढ़ाई गई है।
अमेरिकी व्यापार जगत के नेताओं ने कहा कि हमारी धारणा है कि भारत में विदेशी निवेश और बाजार पहुंच की स्थितियों में सुधार की जरूरत है।
स्टैंडर्ड एण्ड पुअर्स की मालिक कम्पनी मैक्ग्रा हिल के मुख्य कार्यकारी और अमेरिका-भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष टेरी मैक्ग्रा ने कहा, "जब आप एक आर्थिक गिरावट के दौर से गुजर रहे हों तो आप आसानी से संरक्षणवादी हो जाते हैं।"
मैक्ग्रा ने कहा, "हमने दुनिया में काफी संरक्षणवाद देखा है हम इस तरह के संरक्षणवादी विचारों के जरिए जीत नहीं सकते।" उन्होंने कहा कि ओबामा के व्यापार बाधाएं कम करने के प्रयासों से अमेरिका में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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