ओबामा यात्रा : 'भारत दौरे से शक्ति संतुलन गड़बड़ाने का खतरा'
समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक पाकिस्तान को नजरअंदाज करते हुए भारत का दौरा करने के ओबामा के निर्णय ने इस्लामाबाद में सरकारी अधिकारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच शक्ति संतुलन गड़बड़ाने का खतरा पैदा हो गया है।
'वाशिंगटन पोस्ट' ने शुक्रवार को लिखा था कि पाकिस्तान की मुख्य चिंताओं में, जम्मू एवं कश्मीर के दीर्घकालिक विवाद में शामिल होने को लेकर ओबामा प्रशासन की स्पष्ट अनिच्छा, भारत-अमेरिका असैन्य साझेदारी का फलना-फूलना, और ओबामा द्वारा मुम्बई हमले के दौरान शिकार हुए ताज होटल से यात्रा की शुरुआत करने से निकला संकेत शामिल है।
यद्यपि अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तानी सेना के लिए दो अरब डॉलर के अनुदान पैकेज की घोषणा की थी और पिछले साल 7.5 अरब डॉलर के असैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किया था, फिर भी इस्लामाबाद के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका को खुद को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में साबित करना अभी बाकी है।
अखबार ने विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा, "दुर्भाग्यवश कई प्रमुख मुद्दों पर अमेरिका अपनी पारम्परिक पाकिस्तान विरोधी नीतियों से चिपका हुआ है। चाहे हमारा परमाणु कार्यक्रम हो, या कश्मीर विवाद, भारत के साथ हमारे सम्बंधों की बात हो या अफगानिस्तान के साथ।"
अधिकारी ने आगे कहा, "चूंकि इतने लम्बे समय से वाशिंगटन इन मुद्दों से दूरी बनाए हुए है, लिहाजा पाकिस्तान का दिल और दिमाग जीतने के लिए कोई रास्ता तलाशना वाशिंगटन के लिए बहुत कठिन हो जाएगा।"
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कई बार निवेदन किया था कि ओबामा को इस दौरे के दौरान पाकिस्तान भी रुकना चाहिए। लेकिन ओबामा ने ऐसा करने से इंकार कर दिया और इसके बदले अगले वर्ष इस्लामाबाद का दौरा करने का वादा किया।
अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा है, "पाकिस्तान को 2011 में राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौरे का इंतजार है और वह उम्मीद करता है कि उनका भारत का यह दौरा हमारे क्षेत्र में स्थिरता लाने में मददगार होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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