ओबामा यात्रा : 'भारत पर सम्भवत: दबाव न बनाए ओबामा'
अखबार के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की उम्मीद नहीं करते कि राष्ट्रपति बराक ओबामा इस 'सैन्य सिद्धांत' पर भारत से कोई चर्चा करेंगे। इसे 'कोल्ड स्टार्ट' के नाम से जाना जाता है।
अखबार ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि अधिक से अधिक ओबामा पाकिस्तान के साथ तनाव दूर करने के लिए भारतीय नेताओं को यथा सम्भव प्रयास करने के लिए उत्साहित करेंगे।
अखबार ने लिखा है, "यह स्थिति भारत की जीत होगी। भारत किसी तरह के 'कोर्ल्ड स्टार्ट' से इंकार करता है।" कोल्ड स्टार्ट यानी जमीन पर नए बलों को तैनाती की योजना, जो किसी युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान के अंदर तत्काल हमला बोल सकें।
अखबार ने लिखा है, "भारत ने पुरजोर आग्रह किया है कि यदि अमेरिका, प्रमुख लोकतंत्रों के साथ व्यापक साझेदारी चाहता है तो उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान युद्ध के चश्मे से देखना बंद करना होगा।"
अखबार ने आगे लिखा है, "यह प्रशासन में शामिल उन लोगों की भी जीत है, जो इस बात से सहमत हैं कि अमेरिका और भारत को वाणिज्यिक सम्बंधों, सैन्य बिक्री, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित व्यापक चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"
अखबार ने लिखा है कि अमेरिकी प्रशासन ने पिछले वर्ष नवंबर में उस समय 'कोल्ड स्टार्ट' का मुद्दा उठाया था, जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वाशिंगटन के दौरे पर थे।
भारतीय अधिकारियों ने इस पर कहा था कि सरकार या सेना की नीति में इस तरह की कोई रणनीति नहीं है, और पाकिस्तान पर हमला करने की भारत की कोई योजना नहीं है। और इसलिए उन्होंने कहा है कि भारत में ओबामा के एजेंडे में इस मुद्दे के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
भारत ने इस मुद्दे पर बातचीत करने से अक्सर इंकार किया है।
भारत के रक्षा सचिव प्रदीप कुमार ने कहा, "हम नहीं जानते कि 'कोल्ड स्टार्ट' आखिर है क्या चीज। हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। पाकिस्तान अपनी पूर्वी सीमा से सैनिकों को वापस हटा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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