सबरीमाला मंदिर में गधों की होगी स्वास्थ्य जांच
एक पशु प्रेमी की याचिका पर सुनवाई के बाद केरल उच्च न्यायालय की एक पीठ ने यह आदेश दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि विशेषज्ञों द्वारा गधों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए। इसके बाद ही उन्हें पर्वत स्थित मंदिर में सामान ले जाने और लाने की अनुमति होगी।
त्रावणकोर देवासम बोर्ड द्वारा संचालित प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर समुद्र से 914 मीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित है। यह मध्य केरल के पथानमथित्ता जिले के पाम्बा से चार किलोमीटर दूर है। यहां दर्शन के लिए हजारों की संख्या में भक्त आते हैं।
इस साल मंदिर दर्शन की शुरुआत 17 नवंबर से हो रही है। यहां मंदिर में सामग्रियों को पहुंचाने के लिए करीब 600 गधों की सेवाएं ली जाती हैं।
पथानमथित्ता के पशु प्रेमी के. संध्या ने गधों की बुरी हालत को देखते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया कि गधों के मालिक और ठेकेदार उनका शोषण करते हैं।
उन्होंने बताया कि गधे ऊंचाई पर स्थित मंदिर में गुड़, चावल और अन्य सामग्रियां ले जाते हैं और बीमार पड़ने पर उन्हें उनकी हालत पर छोड़ दिया जाता है। जिससे वे जंगली जानवरों के शिकार हो जाते हैं।
न्यायाधीश थोत्ताथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायाधीश पी. भवदासन की पीठ ने गुरुवार को पथानमथित्ता के कार्यकारी मजिस्ट्रेट और पुलिस को मंदिर में तैनात गधों का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जिला प्रशासन अधिकारी से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने कहा कि वह अदालत के आदेश का पालन करवाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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