भारत में बाजार तलाशने के लिए रवाना हो रहे हैं ओबामा
वाशिंगटन, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा शुक्रवार को भारत की यात्रा पर निकल रहे हैं।
हालांकि अधिकारियों को ओबामा की इस भारत यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण घोषणा होने की उम्मीद है, लेकिन खुद ओबामा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनका ध्यान अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत में बाजार बढ़ाने का और अमेरिका में रोजगार बढ़ाने पर होगा। खास तौर पर यह इसलिए भी कि मंदी से उबरने की गति से असंतुष्ट अमेरिकी मतदाताओं ने मध्यावधि चुनाव में ओबामा की डेमोकेट्रिक पार्टी से नाराजगी दिखाई है।
गुरुवार को कैबीनेट की बैठक के बाद ओबामा ने कहा कि इस यात्रा में वे अपने साथ अमेरिका की कुछ कंपनियों के प्रतिनिधियों को ले जाएंगे और अमेरिकी उत्पादों को बेचने के लिए एशिया में बाजार तलाशेंगे साथ ही अमेरिका में रोजगार बढ़ाने के उपायों पर काम करेंगे।
उधर अधिकारी इस बात को लेकर परेशान हैं कि सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अमेरिका के सहयोग और भारत में उच्च प्रौद्योगिकी युक्त सामानों के निर्यात पर नियंत्रण को ढीला करने की भारतीय उम्मीदों से वे किस तरह पार पाएंगे, क्योंकि ओबामा ने इसे पेचीदा मसला बताया है।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता माइक हैमर ने पत्रकारों से कहा है कि वाणिज्य मंत्री गैरी लॉक अपने भारतीय समकक्ष के साथ इस मसले पर बात कर रहे हैं।
ओबामा के साथ इस यात्रा में लगभग 200 अमेरिकी कारोबारी आ रहे हैं।
उधर व्हाइट हाउस ने पहले ही यह बताया है कि ओबामा भारत में प्रमुख अमेरिकी कारोबारी दिग्गजों से मिलेंगे और भारत में कारोबार के अवसर पर मशविरा करेंगे। उनसे मिलने वालों में भारतीय मूल की पेप्सीको की अध्यक्ष इंद्रा नूयी भी होंगी।
अमेरिका के वाणिजय विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2003 के मुकाबले 2009 में भारत-अमेरिका व्यापार बढ़कर दोगुणा (37 अरब डॉलर) हो चुका है। जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में ही दोनों देशों ने 32 अरब डॉलर का कारोबार कर लिया है।
उधर ओबामा की यात्रा के पहले भारत के साथ कारोबार करने वाली अमेरिकी कम्पनियों के 300 सदस्यों वाली एक कारोबारी संस्था ने सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता का जोरदार समर्थन किया है साथ ही उच्च प्रौद्योगिकी युक्त सामानों पर लगी पाबंदी हटाने की भी वकालत की है।
ओबामा भारत की यात्रा पर आने वाले छठे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले आइजनवार (दिसंबर 1959), रिचर्ड निक्सन (जुलाई 1969), जिमी कार्टर (जनवरी 1978), बिल क्लिंटन (मार्च 2000) और जॉर्ज बुश (मार्च 2006) भारत आ चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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