कोच्चि हवाईअड्डे में हिस्सेदारी के लिए अदालत पहुंची हुडको
हुडको ने अदालत से कहा है कि पहले सीआईएएल को दिए एक ऋण के एक हिस्से की एवज में सीआईएल ने हुडको को हिस्सेदारी लेने का आग्रह किया था, लेकिन अब तक सीआईएएल ने इसपर अमल नहीं किया है।
हुडको ने याचिका में कहा है कि उसने 1995 के बाद सीआईएएल को 143.23 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। 1 फरवरी, 2002 में सीआईएएल ने हुडको से आग्रह किया कि वह अपने ऋण के कुछ हिस्से को हिस्सेदारी में बदल ले। उसके लिए उसने प्राइसवाटरहाउस कूपर को सलाहकार नियुक्त किया।
लेकिन हुडको ने आरोप लगाया है कि अभी तक उसे हिस्सेदारी नहीं दी गई है, जबकि इस मुद्दे पर दोनों कम्पनी नवम्बर, 2002 में मिल भी चुके हैं।
हुडको के वकील जीन टी. मैथ्यू ने कहा कि इस बारे में सीआईएएल को कई पत्र भेजे जा चुके हैं लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हुडको ने कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह सीआईएएल को 26 फीसदी हिस्सेदारी उसे देने का निर्देश दे। इसके तहत 10 रुपये मूल्य वाले 5.2 करोड़ शेयर आएंगे।
उधर सीआईएएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मसले पर बोलने से बचते हुए कहा कि मामला अभी विचाराधीन है।
सीआईएएल देश में सरकारी-निजी भागीदारी से बना पहला हवाई अड्डा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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