भारत-पाक का द्विपक्षीय मसला है कश्मीर : अमेरिका
वाशिंगटन, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की शनिवार से शुरू होने वाली भारत यात्रा से पहले अमेरिका ने फिर से कश्मीर पर अपनी तटस्थता की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह भारत-पाक के बीच बातचीत का समर्थन करता है। और इस मसले को दोनों देशों को मिलकर ही सुलझाना चाहिए।
इसके साथ ही उसने संकेत दिया कि आतंकवाद की रोकथाम के लिए आपसी सहयोग इस यात्रा में ओबामा और मनमोहन सिंह के एजेंडे में प्रमुख हो सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता माइक हैमर ने गुरुवार को कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच मसले को आपस में ही सुलझाने की कोशिशों का समर्थन करते हैं।
उन्होंने उपर्युक्त स्पष्टीकरण ओबामा की भारत सहित एशिया की यात्रा के पहले पत्रकारों को दिया।
ओबामा भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की 10 दिवसीय यात्रा पर निकल रहे हैं। इस दौरान वे सियोल में जी-20 के सम्मेलन और योकोहामा में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (अपेक) सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
पाकिस्तान के एक पत्रकार के यह पूछने पर कि पाकिस्तान को ओबामा की भारत यात्रा का क्या अर्थ समझना चाहिए, उन्होंने कहा कि अमेरिका के दोनों ही देशों के साथ अच्छे सम्बंध है। और एक से संबंध बनाने का मतलब दूसरे से सम्बंध तोड़ना नहीं है।
पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत को हेडली से पूछताछ की सुविधा दी है और आतंकी हमले की सूचना भी उसने जब भी जो भी मिली भारत को दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच आतंकवाद को रोकने के मुद्दे पर अच्छा सहयेाग है और ओबामा ने इस रिश्ते को और भी आगे बढ़ाया है।
मुम्बई पर आतंकी हमले में भारत ओर अमेरिका को समान रूप से नुकसान हुआ है और दोनों ही देश चाहते हैं कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो।
इस मामले में अमेरिका और भारत के बीच सहयोग के मसले पर ओबामा और मनमोहन सिंह बात कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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