कश्मीर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध
खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "राज्य भर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। आतंकवादी अपने मंसूबों में सफल न हों इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।"
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि राष्ट्रपति ओबामा जम्मू एवं कश्मीर नहीं आ रहे हैं, फिर भी उनके दौरे को लेकर वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से ज्यादा चिंतित हैं।
ओबामा शनिवार को मुम्बई पहुंचने के बाद रविवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
उमर ने कहा था कि इस दौरान राष्ट्रपति ओबामा का ध्यान कश्मीर पर आकर्षित करने के लिए आतंकवादी कोई उपद्रव कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मार्च 2000 में भारत यात्रा पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का ध्यान कश्मीर पर आकर्षित करने के लिए आतंकवादियों ने यहां सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दिया था। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के छत्तीसिंहपुरा गांव में 28 मार्च 2000 को अज्ञात हमलावरों ने 35 सिखों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
खुफिया अधिकारी ने बताया, "अल्पसंख्यक इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।"
उधर, अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने लोगों से ओबामा की यात्रा के दौरान कर्फ्यू का पालन और उनकी पार्टी द्वारा किए गए बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए कहा है।
गिलानी ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति को यह बताना आवश्यक है कि कश्मीर के लोगों को आजादी का हक दिए बिना दक्षिण एशिया में शांति कायम नहीं हो सकती।"
अधिकारियों ने इस बीच श्रीनगर के आठ पुलिस स्टेशनों में कर्फ्यू लगा दिया है। उधर, अलगाववादियों ने दीपावली के उत्सव को देखते हुए बंद या प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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