भारत को उच्च प्रौद्योगिकी और परमाणु व्यापार में सहयोग की आशा (लीड-1)
ओबामा की छह से नौ नवंबर की भारत यात्रा के बारे में विदेश सचिव निरूपमा राव ने पत्रकारों से जल्दबाजी में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने का अनुरोध किया। विदेश सचिव ने उम्मीद जाहिर की कि राष्ट्रपति की यह यात्रा 'वैश्विक आर्थिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई देने में मील का पत्थर साबित होगी।'
राव ने बताया कि प्रौद्योगिकी आयात को लेकर प्रतिबंधों को खत्म करने की दिशा में अच्छी 'प्रगति' हुई है। दोनों देशों की सरकारों का विचार है कि प्रतिबंधों को कम और उन्हें 'पूर्णत: खत्म' करने के लिए मुद्दों की पुनर्समीक्षा हो।
उन्होंने कहा कि उच्च प्रौद्योगिकी के आयात में छूट और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने के लिए अमेरिकी सहयोग को लेकर भारत 'आशावादी' है।
वैसे निरूपमा से पत्रकारों ने ओबामा के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था प्रौद्योगिकी निर्यात पर प्रतिबंध को ढीला करना आसान नहीं है तो वह सवाल से बचती नजर आईं।
परमाणु करार पर राव ने बताया, "हमें उम्मीद है कि अमेरिकी कंपनियां भारत के परमाणु क्षेत्र में निवेश करेंगी। दोनों देश इस स्थिति में पहुंच गए हैं जहां से व्यापारिक वार्ताएं शुरू की जा सकती हैं।" उन्होंने कहा कि इस संबंध में अमेरिकी शिष्टमंडल शीघ्र भारत का दौरा करने वाला है।
उन्होंने कहा, "ओबामा और प्रधानमंत्री के बीच सभी क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर चर्चा की जाएगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, कृषि, रक्षा और कई अन्य मुद्दों पर बातचीत करेंगे जिनसे दोनों के हित जुड़े हुए हैं।"
उन्होंने कहा कि ओबामा के तीन दिवसीय भारत दौरे पर पूरी दुनिया की निगाहें रहेंगी। राजनयिक हलकों से लेकर कारपोरेट जगत, हर कोई इस दौरे को अपने नजरिए से जोड़कर देख रहा है। अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति छह नवम्बर (शनिवार) को दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में कदम रखेंगे। वह सबसे पहले मुम्बई पहुंचेंगे।
भारत की आर्थिक राजधानी में ओबामा उसी ताज होटल में ठहरेंगे जहां दो साल पहले पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने भारी रक्तपात मचाया था। यात्रा के दूसरे दिन ओबामा मुम्बई के एक स्कूल का दौरा करेंगे जहां वह बच्चों के साथ दीपावली का जश्न मनाएंगे। इसके बाद वह भारतीय उद्यमियों से मुलाकात करेंगे।
ओबामा रविववार को दिल्ली पहुंचेंगे जहां वह मनमोहन सिंह के साथ एक निजी रात्रिभोज में शामिल होंगे। इसके अगले दिन वह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उनका हुमायूं का मकबरा जाने का भी कार्यक्रम है। इसके बाद ओबामा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगे और फिर दोनों एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। अपने सम्मान में आयोजित भोज से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय संसद को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वह इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के लिए रवाना होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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