इंडोनेशिया में फिर ज्वालामुखी फटा, कोई हताहत नहीं
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के मुताबिक ज्वालामुखी फटने से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
'सेंटर फॉर वाल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल डिजास्टर मिटिगेशन' के प्रमुख सुरोनो ने बताया कि तड़के हुआ विस्फोट गत 26 अक्टबूर को हुए विस्फोट से अधिक शक्तिशाली था। उस विस्फोट में 42 लोग मारे गए थे।
परिवहन मंत्रालय के प्रवक्ता बामबांग इरवैन ने बताया कि योग्याकार्ता से उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन मंत्रालय ने हवाई कम्पनियों को जावा द्वीप के ऊपर के कुछ मार्गो से बचने की चेतावनी दी है।
मीडिया के अनुसार घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर गए लोग अपने मवेशियों के आहार का प्रबंध और खेतों की देखरेख करने के लिए घर वापस लौटे हैं।
समाचार एजेंसी अंतरा ने एक स्थानीय व्यक्ति गनवान के हवाले से बताया, "कुछ समय तक मेरापी ज्वालामुखी से बिजली की गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनी गई। ज्वालामुखी से निकली राख से सड़कें ढंक गई हैं।"
ज्वालामुखी से निकले गर्म लावे और राख को देखते हुए विशेषज्ञों ने बुधवार को मेरापी से 10 से 15 किलोमीटर की परिधि से लोगों को हटाने का निर्देश दिया। ज्वालामुखी के फटने से 70,000 से अधिक लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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