ब्रिटेन-फ़्रांस में दो समझौते

डाउनिंग स्ट्रीट ने इस कदम को व्यावहारिक बताया है.
फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलास सारकोज़ी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने दो नए सैन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों नेटो सदस्य देशों ने कहा है कि इन समझौतों के बाद ब्रिटेन और फ़्रांस के बीच सैन्य सहयोग के एक नए युग की शुरुआत हो रही है.
लंदन में हुए इन समझौतों के बाद दोनों देशों की एंग्लो-फ़्रेंच 'रेपिड रिएक्शन फ़ोर्स' संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगी
इसके अलावा ब्रिटेन और फ़्रांस एक समुद्री जहाज़ हमेशा सागर में तैनात रखेंगे. इसके अलावा दोनों देश परमाणु हथियारों के उपकरणों के परीक्षण के लिए भी एक स्थान तय करेंगे.
ब्रिटेन और फ़्रांस की सैन्य आकांक्षाएँ और सैन्य खर्च एक ही तरह के हैं और यह समझौता दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग की दिशा में पहला क़दम है.
इसमें से एक समझौता तो दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए है.
दूसरा परमाणु सुरक्षा के लिए है विशेषकर परमाणु संयंत्रों के साझा उपयोग के लिए जिससे कि परमाणु हथियार में उपयोग में आने वाले उपकऱणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि ब्रिटेन और फ्रांस दोनों तटस्थ साझीदार हैं.
उन्होंने कहा कि ये समझौते देश की संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं है और न ही ये संसाधनों का बँटवारा है.
फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी ने कहा कि दोनों देशों का रक्षा बजट मिलाकर यूरोप के रक्षा बजट के आधे के बराबर होता है. अब सभी तत्व तैयार हैं और दोनों देश एक नए संबंध की शुरुआत कर सकते हैं.


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