हेडली मामले पर चिदंबरम नरम

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि अमरीका ने डेविड हेडली से संबंधित ख़ुफ़िया जानकारी भारत को दी थी.
सोमवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि डेविड हेडली का प्रत्यर्पण एक विकल्प है और भारत इसके लिए कोशिश जारी रखेगा.
अमरीका में गिरफ़्तार डेविड हेडली ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमलों में शामिल होने की बात स्वीकार की थी. इसके बाद से ही भारत हेडली के प्रत्यर्पण की कोशिश में लगा हुआ है.
पी चिदंबरम ने कहा, "अमरीका डेविड हेडली के बारे में क्या जानता था, कब उसे हेडली के बारे में जानकारी मिली- ये ऐसा विषय है जिसकी समीक्षा की जा रही है. जब भी ये समीक्षा पूरी हो जाएगी, वे अपनी जानकारी भारत को देंगे."
पिछले दिनों विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने सार्वजनिक रूप से ये बयान दिया था कि अमरीका ने मुंबई हमलों से पहले हेडली के बारे में बहुत सतही जानकारी दी थी और ये जानकारी ख़ास नहीं थी.
गृह सचिव जीके पिल्लई ने भी इस पर निराशा जताई थी कि अमरीका ने हेडली के बारे में सूचनाएँ भारत को नहीं दी.
उस समय पिल्लई ने कहा था, "अगर अमरीका ने मुंबई हमलों के बाद भी हेडली के बारे में सूचना दी होती, तो मार्च 2009 में भारत आए हेडली को गिरफ़्तार किया जा सकता था."
हालाँकि अमरीकी अधिकारियों ने दावा किया था कि हेडली के बारे में नियमित रूप से सूचनाएँ दी गई थी. अमरीकी अधिकारियों ने इस विवाद को अहमियत नहीं दी थी.
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ सहयोग एक अहम मुद्दा है और राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच बातचीत में इस पर भी चर्चा होगी.


Click it and Unblock the Notifications