ब्राजील में 'आयरन लेडी' संभालेगी सत्ता (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार रॉसेफ को 56 फीसदी मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सोशल डेमोक्रेट उम्मीदवार जोसे सेरा को 44 फीसदी मत हासिल हुए। दूसरे दौर के चुनाव में उन्हें कामयाबी मिली है। इससे पहले एक चुनाव सर्वेक्षण में रॉसेफ को 58 फीसदी मत मिलने की संभावना जताई गई थी। तीन अक्टूबर को हुए पहले दौरे के चुनाव में रॉसेफ को 47 फीसदी मत मिले थे जिसके बाद दूसरे दौर का चुनाव हुआ।
रॉसेफ के चुने जाने के बाद ब्राजील में मौजूदा राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला डी सिल्वा की नीतियों के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया। लूला ने ही रॉसेफ को अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया था। जीत के बाद रॉसेफ ने अपने प्रशंसकों से कहा, "जब ब्राजीलवासी भूख से संघर्ष कर रहे हों तो हम आराम से नहीं बैठ सकते। मैं नहीं चाहती कि हमारे देश में बच्चे भूखे सोएं और लोग खुले आसमान में रात गुजारें।"
राजधानी ब्राजीलिया में हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मेरा लक्ष्य देश से गरीबी को खत्म करना है और मैं चाहूंगी कि लोग मेरा साथ दें। इस लक्ष्य को अकेले सरकार हासिल नहीं कर सकती। इसके लिए पूरे राष्ट्र को एकजुट होना पड़ेगा।"
रॉसेफ को लूला के साथ काम करने का लंबा अनुभव हासिल है। वह उनकी निकट सहयोगी रहने के साथ मंत्री के रूप में भी काम कर चुकी हैं। 62 साल की रॉसेफ आगामी एक जनवरी को पदभार संभालेंगी। पेशे से अर्थशास्त्री रॉसेफ के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास के फायदे को ब्राजील के सभी लोगों तक पहुंचाना और गरीबी कम करना रहेगा।
भारत की तरह ब्राजील भी एक तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है लेकिन गरीबी एक बड़ी समस्या है। अब रॉसेफ ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात की है जिससे देश में रोजगार को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा, "ब्राजील तभी एक विकसित देश बन सकता है जब देश के सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और विकास में सबकी समान भागीदारी हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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