चीन ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में की मनमानी!
चीन के सान्या शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में शनिवार को अमेरिका की 18 वर्षीय सुंदरी अलेक्जेंड्रिया ने खिताब जीता लेकिन जानकार इसे लेकर संदेह जता रहे हैं। इस आयोजन से पहले और समारोह के दौरान भी नाव्रे की 23 वर्षीय सुंदरी मारियन बिर्केडल के मिस वर्ल्ड बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही थी और जब नतीजे का ऐलान हुआ तो कई लोग हतप्रभ रह गए।
ब्रिटिश समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार इस प्रतियोगित से जुड़े कई लोगों के लिए मारियान का शीर्ष पांच सुंदरियों में जगह न बना पाना हैरान करने वाली बात थी। नार्वे के मीडिया में यह आरोप लगाया जा रहा है कि चीन ने निर्णायक मंडल में शामिल लोगों पर दबाव बनाया और मारियान को ताज से महरूम कर दिया गया।
पिछले दिनों चीन के मानवाधिकार कार्यकर्ता लियू जियाओबो को शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए चुने जाने पर चीन और नार्वे के कूटनीतिक रिश्तों में कड़वाहट आ गई है। ओस्लो की नोबेल पुरस्कार समिति के फैसले पर चीन की सरकार ने खुलकर आपत्ति जताई थी। इसके मद्देनजर इस पूरे मामले को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
नार्वे की एक प्रमुख टेलीविजन चैनल की एंकर और 2002 की मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की प्रतियोगी रही कैथरीन सोरलैंड का मानना है कि नोबेल पुरस्कार समिति के फैसले का बदला लेने के लिए चीन ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के नतीजे को प्रभावित किया।
कैथरीन ने कहा, "मैं सब कुछ सोचने और समझने के बाद यह बात कह रही हूं। यह कहना गलत है कि इस तरह की बातें मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में नही होतीं। मैंने 2002 में इस प्रतियोगिता में शामिल हुई थी और यह कह सकती हूं कि वहां कुछ भी हो सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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