नाव त्रासदी : लकड़ी के टुकड़े ने बचाई किशोर की जान
कोलकाता, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में शनिवार को हुई भीषण नाव दुर्घटना में लकड़ी के एक टुकड़े ने 15 वर्षीय एक किशोर की जान बचाई। रविवार को बाहर निकाले जाने तक 24 घंटे वह मुरीगंगा नदी में तैरते लकड़ी के टुकड़े से चिपका रहा।
दक्षिणी 24 परगना के काकद्वीप का रहने वाला ताजुद्दीन मौला शनिवार को पूर्वी मिदनापुर में हाजी शरीफ से लौटकर अपनी मां और बहन के साथ नाव पर चढ़ा था।
यह नाव मुख्य रूप से मुस्लिम श्रद्धालुओं को काकद्वीप से हाजी शरीफ ला और ले जा रही थी। शनिवार की सुबह यह नाव बंगाल की खाड़ी में पलट गई।
ताजुद्दीन ने बताया, "नाव जैसे ही डूबने लगा, उसके कुछ टुकड़े टूटकर अलग हो गए। मैं नदी में कूद गया। लकड़ी का एक टुकड़ा मेरे करीब आता दिखाई दिया और मैं पकड़कर उससे चिपका रहा।"
उसने बताया, "आखिरकार रविवार की सुबह नंदीग्राम के पास मछुआरों ने मुझे नदी से निकाला।"
ताजुद्दीन को अभी तक उसकी मां और बहन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस नाव पर सवार लगभग सौ लोग अब भी लापता हैं। अब तक 23 शव निकाले जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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