विश्व में अलग पहचान है हिमालयी संस्कृति की : राज्यपाल
राज्यपाल आज किन्नौर जि़ले के मुख्यालय रिकांगपिओ में राज्यस्तरीय किन्नौर महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहीं थीं।
उर्मिला सिंह ने कहा कि प्राचीन बौद्घ एवं देव परम्पराओं की पुरातन संस्कृति के लिए विख्यात किन्नौर जि़ले में अपार प्राकृतिक सौंदर्य मौजूद है। यहां सुंदर घाटियां, पवित्र चोटियां, दुर्लभ वनस्पतियां, नदियां एवं झरने तथा सुगंधित जड़ी-बूटियां विद्यमान हैं। किन्नौर के लोग अपनी प्राचीन संस्कृति, रहन-सहन, त्योहारों, उत्सवों, मान्यताओं एवं धार्मिक परम्पराओं को संजोये हुए हैं, जिसके कारण देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
उन्होंने कहा कि यहां आयोजित होने वाले परम्परागत मेलों में लोग जहां एक अविस्मरणीय आनंद प्राप्त करते हैं वहीं यह मेले, धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक दृष्टि से भी एक अमूल्य अवसर प्रदान करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि इस जनजातीय जिले में विरासत में मिली सांस्कृतिक धरोहर को जीवन्त रखने का एक गौरवमयी इतिहास है और इस परिपेक्ष्य में जनजातीय उत्सव के नाम से किन्नौर का यह उत्सव विशेष स्थान रखता है। इसके आयोजन से किन्नौर के लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के पर्यटकों के सम्मुख प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस राज्यस्तरीय मेले के आयोजन से हमारी युवा पढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को जानने का मौका मिलेगा और वे भविष्य में इन सांस्कृतिक व पारंपरिक मूल्यों का निर्वहन भली-भांति कर सकेंगे।
इससे पूर्व राज्यपाल ने रामलीला मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन भी किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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