'स्टेम कोशिकाओं से हो सकता है रीढ़ की चोट का इलाज'
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि देश में होने वाली सड़क दुर्घटनाएं ज्यादातर रीढ़ की हड्डी में चोट का कारण बनती हैं। इस चोट को ठीक करने की संभावना को देखते हुए स्टेम कोशिकाओं के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है।
रीढ़ की हड्डी में चोट आ जाने से रोगी अपाहिज हो सकता है। इसके लिए उसे आजीवन इलाज की आवश्यकता होती है।
'इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर' (आईएसआईसी) के अध्यक्ष एच.पी.एस. अहलूवालिया ने बताया, "हमलोग स्टेम कोशिकाओं के इस्तेमाल से रीढ़ की हड्डी की चोट का इलाज करने की संभावानाएं तलाशने की कोशिश में हैं। इस तकनीक से घातक चोट के बावजूद मरीज में सामान्य जीवन जी सकता है।"
आईएसआईसी द्वारा हाल ही में कराए गए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि रीढ़ की हड्डी में करीब 43.5 प्रतिशत चोट सड़क दुर्घटनाओं में लगती है। इसके अलावा शारीरिक रूप से अक्षमता के लिए भी सड़क दुर्घटना जिम्मेदार है।
राजधानी में विश्व भर से रीढ़ की हड्डी की चोट का इलाज करने वाले विशेषज्ञ 49वें अंतर्राष्ट्रीय स्पाइनल कॉड सोसायटी की बैठक में हिस्सा लेने आए थे।
आईएसआईसी के अध्ययन में 1,138 मरीजों का विश्लेषण किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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