गरीबों को खाद्यान्न क्यों नहीं दिया जा सकता : सर्वोच्च न्यायालय
न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने कहा, "खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने के लिए और किसानों के हित की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न की खरीददारी जरूरी है। इसमें हमारी चिंता यह है कि खरीदा गया खाद्यान्न उचित तरीके से संरक्षित किया जाए।"
अदालत ने कहा, "भंडारण क्षमता के अभाव के कारण जितना अनाज संरक्षित नहीं किया जा सकता, उसे कम से कम गरीबी रेखा से नीचे की आबादी को बांट दिया जाए।"
पीपुल्स युनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की ओर से पेश हुए अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्वेज के उस तर्क पर भी गौर किया जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के 150 अति गरीब जिलों को भी गरीबी रेखा से नीचे की आबादी जितना ही खाद्यान्न दिया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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