भारत के लिए खतरा बन सकता है चीन का सुपर कंप्यूटर!
दुनिया भर के सुपर कंप्यूटर्स की सूची में चीन के तियान्हे-1ए सुपर कम्प्यूटर को पहला स्थान मिला है। यह कंप्यूटर एक सैकंड में ढाई हजार खरब गणनाएं कर सकता है। रेखा चित्रों के आधार पर सूचनाओं को संप्रेषित करने वाले इस कंप्यूटर में 7000 से ज्यादा प्रोसेसर और 14000 इंटेल चिप्स लगाई गई हैं। सबसे तेज गति से काम करने वाली मशीनों का लेखाजोखा रखने वाले 500 संगठनों ने तियान्हे-1ए सुपर कंप्यूटर सबसे तेज कम्प्यूटर के रूप में मान्यता दी है।
अब सवाल यह उठता है कि चीन अपने इस सुपर कंप्यूटर को कहां इस्तेमाल करेगा। तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक यहां पर चीन जैसे हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और होंगे। दिखाने वाले दांत का इस्तेमाल शोध एवं विकास पर किया जाएगा, जबकि चबाने वाले दांत का इस्तेमाल सैन्य उपकरणों को और ज्यादा आधुनिक बनाने में करेगा।
हम आपको बता दें कि 1994 में एक मामला सामने आया था, जिसमें चीन ने अमेरिका की एक कंपनी से सिलिकॉन ग्राफिक्स सुपर कंप्यूटर खरीद कर उसे सैन्य गतिविधियों में स्थानांतरित कर दिया था। वो कंप्यूटर चीन ने अवैध रूप से खरीदे थे।
अब अगर भारत को ध्यान में रखते हुए बात करें, तो काफी पहले से सीमा पर भारतीय जमीनों पर कब्जा करता आ रहे चीन का सुपर कंप्यूटर खतरे की घंटी बन चुका है। चूंकि भारतीय सेना के अधिकारी लगातार आगाह करते आ रहे हैं कि चीन से भारत को खतरा हमेशा बना हुआ है, ऐसे में यह सुपर कंप्यूटर के माध्मय से प्रभावी बनाए जाने वाले सैन्य उपकरणों भारत के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।
अमेरिका को पीछे छोड़ चुका चीन अपने सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल कहां करेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन क्या यह सुपर कंप्यूटर वाकई में भारत के लिए खतरा हैं? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।













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