प्रधानमंत्री वियतनाम पहुंचे, अब जियाबाओ से होगी मुलाकात (लीड-2)
हनोई में वह चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ सहित कुछ राष्ट्राध्यक्षों से भी मुलाकात करेंगे। सिंह शनिवार को स्वदेश लौटेंगे।
सिंह के मलेशिया दौरे की सबसे बड़ी सफलता व्यापाक आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) रहा। बुधवार को प्रधानमंत्री सिंह और उनके मलेशियाई समकक्ष नजीब तुन रजाक ने सीईसीए पर बातचीत को अंतिम रूप दे दिया।
दोनों नेताओं की ओर से कहा गया कि आर्थिक सहयोग समझौते पर अगले वर्ष 31 जनवरी तक हस्ताक्षर कर लिए जाएंगे और एक जुलाई से यह करार प्रभावी हो जाएगा। इस समझौते के जरिए दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2015 तक 15 अरब डॉलर ले जाना चाहते हैं।
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि सीईसीए भारत और मलेशिया के संबंधों में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और दूसरे आर्थिक जुड़ावों को उत्साहजनक बढ़ावा मिलेगा।
व्यापारिक मसलों के अलावा दोनों नेताओं ने सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, उच्च शिक्षा और वीजा मसले भी बातचीत की। प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि इस दौरे पर उनकी वार्ता से दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी की बुनियाद पड़ी है। उन्होंने कहा, "सीईसीए से हमारे आर्थिक रिश्तों में बहुत ठोस बदलाव आएगा।"
सिंह और रजाक ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें पारम्परिक औषधि, सेवाओं में सहयोग, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में सहयोग से जुड़े समझौते शामिल हैं। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सहित कई अन्य मसलों पर मिलकर काम करने की सहमति जताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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