कृषि क्षेत्र के विकास के लिए गांध्ीवादी दृष्टिकोण की जरूरत : अंसारी
तमिलनाडु के डिंडीगुल में गांधीग्राम ग्रामीण विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ने की जरूरत है, ताकि हम अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें।
उन्होंने ग्रामीण ज्ञान के केन्द्र के रूप में विकसित हो रहे गांधीग्राम ग्रामीण विश्वविद्यालय की इस बात के लिए सराहना की कि यह किसानों और ग्रामवासियों को सशक्त बनाने का काम कर रहा है। विश्वविद्यालय ने नई ग्रामीण कृषि प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।
अंसारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की गरीबी को मिटाने के लिए किसानों को नई-नई जानकारियां सुलभ कराना आवश्यक है। किसानों को कृषि तकनीक, सरकारी नीतियों, कृषि व्यापार और स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी सूचनाएं आसानी से पहुंचनी चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कृषि विज्ञान में अनुसंधान को प्रोत्साहन देने पर जोर देते हुए कहा कि कृषि की उत्पादकता में सुधार के लिए अनुसंधान पर व्यय में वृद्धि की जानी चाहिए। कृषि संबंधी सकल घरेलू उत्पाद का कम से कम एक प्रतिशत कृषि अनुसंधान पर खर्च किया जाना चाहिए।
अंसारी ने कहा कि अनाज उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, वानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इन क्षेत्रों में हमारी आधे से अधिक आबादी अपनी जीविका के लिए निर्भर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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