कश्मीरी पंडितों और भाजपा ने वार्ताकारों का बहिष्कार किया
वार्ताकारों के दल ने हालांकि यह विश्वास जताया कि वे दूसरी बार जब संभवत: नवम्बर में यहां का दौरा करेंगे तो अन्य समूहों से उनकी वार्ता हो सकेगी।
वार्ताकारों के दल का नेतृत्व का रहे दिलीप पडगांवकर ने नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले संवादाताओं को बताया, "हमनें अधिकांश क्षेत्रों में जाने की कोशिश की और अधिक से अधिक समूहों से बात करने का प्रयास किया। कई प्रकार के विचार हमारे सामने आए हैं।"
पडगांवर के अलावा शिक्षाविद् राधा कुमार बुधवार दोपहर ही यहां पहुंच गए थे जबकि तीसरे वार्ताकार एम.एम. अंसारी दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं।
ज्ञात हो कि वार्ताकारों ने बुधवार की शाम जम्मू में भी कोट भालवाल जेल में कैद अलगाववादी नेताओं से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन अलगावादियों ने यहां भी उनसे मिलने से इंकार कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी जम्मू में वार्ताकारों का बहिष्कार किया।
इस बीच कश्मीरी पंडितों, पैंथर्स पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई ने वार्ताकारों का बहिष्कार किया।
भाजपा ने कहा कि वार्ताकार अलगाववादियों के एजेंडे पर चल रहे हैं। हमें उनसे मिलने का कोई मतलब नहीं दिखता।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह मन्हास ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया था कि पार्टी ने काफी सोच-विचार के बाद वार्ताकारों के बहिष्कार का निर्णय लिया है, क्योंकि उन्होंने कश्मीर मुद्दे में पाकिस्तान को पक्ष बनाए जाने की बात कही थी।
ज्ञात हो कि पडगांवकर ने कश्मीर घाटी में अपने प्रवास के दौरान कहा था, "कश्मीर विवाद में पाकिस्तान एक पक्ष है।"
पडगांवकर ने जम्मू में कहा कि वार्ताकारों के दल ने घाटी में अलगाववादियों को छोड़कर बाकी हर किसी से मुलाकात की।
पडगांवकर और राधाकुमार कश्मीर की चार दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन जम्मू आए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications