समग्र वार्ता के प्रति गंभीर नहीं भारत : पाकिस्तान
इस्लामाबाद, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह समग्र वार्ता प्रक्रिया के प्रति गंभीर नहीं है, क्योंकि उसकी 'कथनी और करनी में अंतर' रहता है। दोनों देशों के बीच यह प्रक्रिया वर्ष 2004 में विवादपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए शुरू हुई थी।
विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने गुरुवार को साप्ताहिक विवरण देते हुए कहा, "भारत बगैर किसी सबूत के हर बात के लिए सिर्फ इंटर सर्विसिस इंटेलीजेंस (आईएसआई) को दोष देना चाहता है।"
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "भारत पर बलि का बकरा ढूंढने की धुन सवार है।"
प्रवक्ता ने भारत से 'समझौता एक्सप्रेस पर हुए आतंकी हमले का ब्यौरा पाकिस्तान के साथ साझा करने का अनुरोध किया।
ज्ञात हो कि फरवरी, 2007 में लाहौर और दिल्ली के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 68 लोग मारे गए थे।
भारतीय अधिकारियों ने समझौता जनसंहार के लिए आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन यह आरोप कभी साबित नहीं हुआ।
बासित ने कहा, "उन्होंने समझौता त्रासदी के लिए आईएसआई को दोषी ठहराया, लेकिन बाद में यह महज एक कोरा आरोप साबित हुआ।"
अफगानिस्तान के साथ रिश्तों में खटास के बारे में पूछे जाने पर बासित ने कहा, "पाकिस्तान शांति में विश्वास रखता है और अफगानिस्तान में स्थिरता चाहता है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय शांति कायम करने में भी मदद मिलेगी।"
दूसरी ओर, अफगानिस्तान ने अस्थिरता के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि विद्रोही कथित तौर पर नियमित रूप से घुसपैठ कर रहे हैं।
हाल ही में वाशिंगटन में अमेरिका के साथ हुई रणनीतिक वार्ता के संदर्भ में बासित ने कहा कि 'अमेरिका हर स्तर पर पाकिस्तान की मदद कर रहा है।'
उन्होंने कहा, "यह कहना उचित नहीं होगा कि सामान्य परमाणु प्रौद्योगिकी हासिल करने में हम नाकाम रहे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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