अफ़गानिस्तान में जीत संभव नहीं: गोर्वाचोव

स्टीव रोज़ेनबर्ग
बीबीसी संवाददाता, मॉस्को
गोर्वाचोव का कहना है कि अमरीका के पास लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.भूतपूर्व सोवियत नेता मिखाइल गोर्वाचोव ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा है कि अफ़गानिस्तान में नैटो गठबंधन की जीत संभव नहीं है.बीस साल पहले गोर्वाचोव ने ही अफ़गानिस्तान से सोवियत रूस की सेना को वापस बुलाने का फ़ैसला किया था.
उन्होंने कहा है कि यदि अमरीका वियतनाम वाली स्थिति से बचना चाहता है तो उसके पास अफ़गानिस्तान से अपनी सेना वापस बुलाने के अलावा कोई चारा नहीं था.उन्होंने कहा है कि यदि नैटो अफ़गानिस्तान को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद कर सके और युद्द के बाद अपना पुनर्निर्माण कर सके तो ये बड़ी बात होगी.
गोर्वोचोव ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस फ़ैसले की तारीफ़ की जिसमें उन्होंने कहा है कि वो अगले साल गर्मियों में अमरीकी फ़ौज की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर देंगे.गोर्वाचोव के शासनकाल में ही अफ़गानिस्तान से सोवियत सेना को वापस लौटना पड़ा था.लेकिन उन्होंने उस क्षेत्र में बीस साल पहले जो अमरीका की भूमिका थी उसकी आलोचना की.उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के पैसे से अमरीका ने जिन अफ़गान चरमपंथियों को रूस के ख़िलाफ़ प्रशिक्षित किया वही लोग आज अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में आतंक मचा रहे हैं.
उनका कहना था कि अमरीका को इस इलाक़े से निकलने के लिए काफ़ी जद्दोजहद करना होगा लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है.गोर्वाचोव का कहना था कि वहां पांच लाख सेना भेजकर वियतनाम जैसी स्थिति पैदा करने से काम नहीं बनेगा.गोर्वाचोव ने कहा कि बीस साल पहले उनकी सेना की वापसी एक मुश्किल प्रक्रिया थी क्योंकि चरमपंथी लौटती हुई सेना पर भारी हमला कर रहे थे.गोर्वाचोव ने रूसी लोकतंत्र को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की हैउन्होंने कहा कि ब्लादीमीर पुतिन की सत्ताधारी पार्टी कुर्सी पर बने रहने के लिए लोकतंत्र के सिद्धांतों से भटक रही है.












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