अमेरिका की ओर भारत का झुकाव नहीं: प्रधानमंत्री
मलेशिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने यहां के प्रमुख समाचार पत्र 'न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स' को दिए साक्षात्कार में कहा है कि उनका मुल्क अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में तेज सुधार चाहता है ताकि भारत जैसी तेजी से बढती अर्थव्यवस्था को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
यह पूछे जाने पर कि कभी गुटनिरपेक्ष आंदोलन का स्तम्भ रहा भारत आज अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से क्यों झुक रहा है तो उन्होंने इसका जवाब बेहद संतुलित ढंग से दिया।
सिंह ने कहा, "हम किसी एक दिशा में नहीं झुक रहे हैं। भारत की विदेश नीति हमारे राष्ट्रीय हितों के अनुकूल है। आज हम एक वैश्विक परिदृश्य में रह रहे हैं जहां सभी देशों की एक दूसरे पर निर्भरता और निकटता बढ़ी है।"
उन्होंने कहा, "आज हम सभी बड़े देशों मसलन अमेरिका, रूस, चीन और जापान के साथ संबंधों को मजबूत बना रहे हैं। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ भी हमारे रिश्ते बहुत अहम हैं। हम आसियान देशों के साथ व्यापार, निवेश और बहुआयामी सहयोग को बढ़ावा देना चाहते हैं।"
प्रधानमंत्री ने यह माना कि वह जी-20 की ओर से किए गए आर्थिक और वित्तीय सुधार के वादों पर हो रही प्रगति से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि फिलहाल वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ठीक नहीं है। बहुत सारी अनिश्चितताए हैं। ऐसे में जी-20 के वादों को पूरा करने के लिए अभी कुछ किया जाना शेष है।"
सिंह ने कहा, "मेरा मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में सुधार को पहले से कहीं ज्यादा तेज किया जाना चाहिए। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सूक्ष्म-आर्थिक नीतियों से जुड़ा सहयोग तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में सुधार प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए।"
प्रधानमंत्री सिंह अपने एशियाई दौरे के दूसरे पड़ाव में मलेशिया पहुंचे हैं। इससे पहले वह जापान गए थे और उनका वियतनाम भी जाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा, "मलेशिया आसियान क्षेत्र का एक प्रमुख देश है। हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों में व्यापार, निवेश और बहुआयामी सहयोग बढ़ेगा।"
सिंह ने कहा कि वह भारत, मलेशिया और आसियान के बीच व्यापक मुक्त व्यापार समझौता चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और मलेशिया के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) अगले वर्ष हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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