आरोप राजनीति से प्रेरित: आरएसएस

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान में अजमेर की अदालत ने दरगाह विस्फोट मामले में गिरफ़्तार तीन लोगों को रिहा करने से इंकार कर दिया है.निचली अदालत ने अब इस मुकदमे में दो नवंबर से नियमित कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है.
अजमेर दरगाह विस्फोट में कथित रूप से शामिल रहे हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता स्वर्गीय सुनील जोशी की एक डायरी ने कई लोगों की नींद उड़ा रखी है.
डायरी में आरएसएस नेता इन्द्रेश कुमार का नाम भी दर्ज है. लेकिन खुद इन्द्रेश और आरएसएस ने ऐसे आरोप को मनघडंत बताया है.
आरएसएस ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा है कि ये सब आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.
बयान में कहा गया है, "राजस्थान एटीएस ने आरएसएस के इन्द्रेश कुमार का नाम चार्जशीट में शामिल किया है. इसके बाद से कुछ राजनेता और जाँच एजेंसियाँ आएरएसएस के ख़िलाफ़ आरोप लगा रही हैं जो दर्शाता कि ये राजनीति से प्रेरित है और जाँच एंजेंसियों को प्रभावित करने की कोशिश जारी है."
बयान में आरएसएस नेता सुरेश जोशी ने कहा है कि इन बातों को संगठन सभी मंचों पर चुनौती देगा जिसमें अदालत तक जाना भी शामिल है.
क्या लिखा है डायरी में
इन्द्रेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष २००५ में जयपुर में एक गोपनीय बैठक को संबोधित किया जिसमें ऐसे लोग शामिल थे जो बाद में दरगाह धमाको में गिरफ्तार किये गए.
सूत्रों के मुताबिक इस घटना को लेकर आरएसएस में दो धाराएँ चल रही हैं. इसमें से एक गुट ने इन्द्रेश की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
इन्द्रेश कुमार आरएसएस की ऐसी योजना पर काम कर रहे थे जो मुसलमानों में आरएसएस समर्थक तैयार कर सकें.
उनके पास जम्मू और कश्मीर में भी आरएसएस के प्रभाव को विस्तार देने का काम था.
मगर अब आरएसएस सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के जलगाँव में अक्तूबर अंत में होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा.
स्वर्गीय सुनील जोशी ने अपनी डायरी में लिखा है कि वो ये काम इश्वर के द्वारा प्रदत शक्ति से ही कर पा रहे हैं.
वे लिखते हैं, ''मैं ये काम इश्वर की प्रसन्नता के लिए ही कर रहा हूँ.”वे ये स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वो कौन से काम के बारे में कह रहे हैं.
डायरी कहती है स्वर्गीय जोशी सावरकर से बहुत प्रभावित थे. उन्होंने अपनी डायरी में सावरकर के उस कथन को लिखा है जो अंडमान में लिखा था कि देशभक्ति का यह व्रत हमने आँख मूंदकर नहीं लिया है.
डायर से ज्योतिष में सुनील जोशी की गहरी रूचि की झलक मिलती है .क्योंकि जोशी ने इसमें पंचाग ,गृह नक्षत्र और फलित की रेखाएँ उकेरी है. पर भविष्य में क्या होगा,ये रेखाएँ उस बारे में कोई मदद नहीं कर पाईं.


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