महाराष्ट्र में 1 लाख माल ढुलाई श्रामिकों की हड़ताल
अधिकारियों ने कहा कि अगर हड़ताल जारी रही तो फल और सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं और इससे बाजार पर असर पड़ सकता है।
'महाराष्ट्र राज्य मथाडी ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कामगार यूनियन' के कार्यकारी अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने आईएएनएस को बताया, "हम पिछले 10 सालों से राज्य सरकार के सामने अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है।"
राज्यभर में कृषि विपणन उत्पादन समिति (एपीएमसी) के खाद्य पदार्थो को लादने और उतारने का काम 'महाराष्ट्र राज्य मथाडी ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कामगार यूनियन' के नियंत्रण में है।
शिंदे ने कहा, "कुछ मांग उचित वेतन और आवास से जुड़ी हुई हैं। हमने कम्पनियों द्वारा सीधे तौर पर सब्जियों और फलों को लिए जाने पर रोक लगाने की भी मांग की थी। जिसे एपीएमसी ने दरकिनार कर दिया।"
उन्होंने कहा, "वर्ष 1994 में 'नगर एवं औद्योगिक विकास निगम' ने नवी मुंबई में 7,500 किफायती घर बनवाए थे। उनमें से कुछ घर ही मथाडी यूनियन से जुड़े सदस्यों को मुहैया कराए गए थे। बाकी खाली आवासों पर गैर यूनियन सदस्यों ने कब्जा कर लिया।"
एपीएमसी के एक अधिकारी ने बताया, "हड़ताल के चलते राज्यभर में कई एपीएमसी बाजार बुरी तरह से प्रभावित हो सकते हैं। इससे फलों की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications