महाराष्ट्र में माल ढुलाई श्रामिकों की हड़ताल खत्म (लीड-1)
वाशी (महाराष्ट्र), 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में माल ढुलाई करने वाले एक लाख से ज्यादा हड़ताली श्रमिकों ने सोमवार देर शाम राज्य सरकार की ओर से एक माह के भीतर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल वापस ले ली।
महाराष्ट्र राज्य मथाडी ट्रांसपोर्ट एवं जेनरल कामगार यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने बताया, "मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण ने प्रधान सचिव के माध्यम से आदेश जारी कर हमें आश्वासन दिया है कि हमारी मांगें एक माह के भीतर पूरी की जाएंगी। इसलिए हमने हड़ताल वापस ले ली।"
ज्ञात हो कि राज्य सरकार से तनख्वाह बढ़ाने और आवासीय सुविधा मुहैया कराने की मांग कर रहे श्रमिक सोमवार की सुबह बेमियादी पर चले गए थे।
अधिकारियों ने कहा कि अगर हड़ताल जारी रही तो फल और सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं और इससे बाजार पर असर पड़ सकता है।
शशिकांत शिंदे ने आईएएनएस को बताया, "हम पिछले 10 सालों से राज्य सरकार के सामने अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन हमारी सुध नहीं ली जा रही थी।"
उल्लेखनीय है कि राज्यभर में कृषि विपणन उत्पादन समिति (एपीएमसी) के खाद्य पदार्थो को लादने और उतारने का काम 'महाराष्ट्र राज्य मथाडी ट्रांसपोर्ट एंड जनरल कामगार यूनियन' के नियंत्रण में है।
शिंदे ने कहा, "कुछ मांग उचित वेतन और आवास से जुड़ी हुई हैं। हमने कम्पनियों द्वारा सीधे तौर पर सब्जियों और फलों को लिए जाने पर रोक लगाने की भी मांग की थी। जिसे एपीएमसी ने दरकिनार कर दिया।"
उन्होंने कहा, "वर्ष 1994 में 'नगर एवं औद्योगिक विकास निगम' ने नवी मुंबई में 7,500 किफायती घर बनवाए थे। उनमें से कुछ घर ही मथाडी यूनियन से जुड़े सदस्यों को मुहैया कराए गए थे। बाकी खाली आवासों पर गैर यूनियन सदस्यों ने कब्जा कर लिया।"
एपीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, "हड़ताल के चलते राज्यभर में कई एपीएमसी बाजार बुरी तरह से प्रभावित हो सकती थी। इससे फलों के दाम तेजी से बढ़ जाते।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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