बिहार चुनाव : सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है तीसरा चरण
पटना, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में 48 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान होना है। तीसरे चरण में जिन क्षेत्रों में चुनाव होने वाले हैं वे क्षेत्र सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए खासे महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) गठबंधन को जहां इन क्षेत्रों में अपने प्रभाव कायम रखने की चुनौती होगी वहीं सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) को सत्ता में वापसी के लिए किसी बड़े उलट फेर को रोकना होगा।
तीसरे चरण में जिन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं उसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का गृह जिला गोपालगंज और संसदीय क्षेत्र सारण भी शामिल है। ऐसे में दो विधानसभा क्षेत्रों सोनपुर ओर राघोपुर की सीट राजद के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों से लालू प्रसाद की पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी चुनाव लड़ रही हैं।
इस चुनाव के पूर्व हुए कुछ उलटफेर का भी इस चुनाव में असर पड़ने की पूरी संभावना मानी जा रही है। जद (यु) के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह का सारण प्रमंडल के कुछ क्षेत्रों में खासा प्रभाव माना जाता है। लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान को अपने क्षेत्र हाजीपुर में भी अपने जनाधार बरकरार रखने के लिए काफी मेहनत करना पड़ रहा है। हालांकि वह पूरे दमखम से इन क्षेत्रों में अन्य पार्टियों को सेंध लगाने से रोकने के लिए प्रयास में लगे हैं।
परिसीमन के बाद कई सीटों में उलट फेर भी सभी राजनीतिक दलों के लिए चुनौती साबित हो रही है।
गौरतलब है कि जिन 48 विधानसभा सीटों में चुनाव होने हैं उनमें सात क्षेत्र पूर्वी चंपारण जिले में, नौ क्षेत्र पश्चिमी चंपारण में, 10 विधानसभा क्षेत्र सारण (छपरा) जिले में, आठ क्षेत्र सीवान में, आठ क्षेत्र वैशाली में और छह क्षेत्र गोपालगंज जिले में शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण में 47 और दूसरे चरण के तहत 45 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। राज्य के 243 सीटों के लिए छह चरणों में 21, 24 और 28 अक्टूबर तथा 1, 9 और 20 नवम्बर को मतदान की तिथि घोषित की है। सभी सीटों के लिए मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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