एमार-एमजीएफ ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। निर्माण क्षेत्र से जुड़ी निजी कम्पनी, एमार-एमजीएफ ने सोमवार को केंद्र सरकार के उस निर्देश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को कहा गया है कि वह कम्पनी की 183 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त कर ले। एमार-एमजीएफ ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किए गए खेलगांव को विकसित किया था।
कम्पनी ने यह गारंटी पूर्वी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे खेलगांव में 1,168 फ्लैटों के निर्माण का कार्य हाथ में लेने से पहले जमा की थी। पूरे काम की लागत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक थी।
अदालत ने डीडीए को नोटिस जारी किया कि वह एमार-एमजीएफ की याचिका पर 11 नवम्बर तक अपना जवाब दे। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि यदि प्राधिकरण गारंटी राशि को न भुनाया हो तो उसकी यथास्थिति बनाए रखी जाए।
डीडीए ने अदालत को बताया कि 90 करोड़ रुपये पहले ही भुनाया जा चुका है और 60 करोड़ रुपये प्राधिकरण के बैंक खाते में चेक के जरिए क्लियरेंस के लिए डाला गया है। बाकी 33 करोड़ रुपये की राशि को अभी भुनाया जाना बाकी है।
डीडीए की सूचना पर न्यायमूर्ति विपिन संघी ने कहा कि बाकी बचे 33 करोड़ रुपये और भुनाने की प्रक्रिया में पड़े 60 करोड़ रुपये की यथास्थिति बनाए रखी जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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