जल्द ही 9 फीसदी होगी विकास दर : प्रणब (लीड-1)
प्रोत्साहन पैकेजों को वापस लेने का संकेत देते हुए मुखर्जी ने कहा कि जल्द ही विकास दर नौ फीसदी हो जाने वाली है।
मुखर्जी ने सलाना आर्थिक सम्पादक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि उद्योग, सेवा और कृषि सभी क्षेत्रों में मंदी से उबरने के संकेत देखे जा रहे हैं। इस सम्मेलन में देश भर से लगभग 300 पत्रकार हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2008 में शुरू हुई आर्थिक मंदी के बाद अब अर्थव्यवस्था में तेजी दिखाई पड़ने लगी है और मौजूदा कारोबारी साल में इसकी विकास दर 8.25 से 8.75 फीसदी रहने की उम्मीद की जा रही थी।
मुखर्जी ने कहा कि अब वह प्रोत्साहन पैकेजों की धीरे-धीरे वापसी की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही में निर्माण क्षेत्र में 12.4 फीसदी की तेजी के बल पर देश की विकास दर 8.8 फीसदी थी। जबकि पिछले साल इसी अवधि में विकास दर केवल छह फीसदी थी।
मुखर्जी ने कहा कि जल्दी ही विकास दर के नौ फीसदी के औसत पर पहुंच जाने की उम्मीद है, जहां यह मंदी से पहले थी।
मुखर्जी ने कहा कि निवेश और निजी खपत में बढ़ोतरी हो रही है, हालांकि यह मंदी के पहले के स्तर पर अभी नहीं पहुंच पाई है। उधर पिछले साल यानी नवम्बर-दिसंबर 2009 से निर्यात क्षेत्र में भी उल्लेखनीय तेजी देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस कारोबारी साल में राजकोषीय घाटा को 5.5 फीसदी में सीमित रखने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
मुखर्जी ने सुधार प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि विनिवेश की प्रक्रिया जारी है। कोल इंडिया के सार्वजनिक निर्गम का बाजार में गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। संसद में प्रत्यक्ष कर विधेयक पर विचार चल रहा है और ईंधन की कीमत को लचीला बना दिया गया है।
मुखर्जी ने कहा कि माना जाता है कि देश में सुधार की प्रक्रिया बहुत धीमी है, लकिन सुधार अनवरत हो रहा है।
इस दो दिवसीय सम्मेलन को दो वित्त राज्य मंत्री एस. एस. पलानिमणिकम और नमोनारायण मीणा सहित वित्त सचिव अशोक चावला ने भी संबोधित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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