'आर्थिक समझौता बेहतरीन पर परमाणु करार नाजुक मसला'
मीनू जैन
टोक्यो, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और जापान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) से जुड़ी खबरों को स्थानीय अखबारों ने मंगलवार को प्रमुखता दी है हालांकि इसके साथ ही यहां की मीडिया ने प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते को एक नाजुक मसला करार दिया है।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली योमियुरी' पहले पृष्ठ पर आर्थिक समझौते को लेकर खबर प्रकाशित की है। इसका शीर्षक 'जापान, इंडिया साइन ट्रेड एग्रीमेंट' है।
अखबार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और जापानी प्रधानमंत्री नाओतो कान की तस्वीरें प्रकाशित की है। इस समाचार पत्र का कहना है कि भारतीय प्रधानमंत्री परमाणु ऊर्जा समझौते की कोशिश कर रहे हैं लेकिन यह जापान के नजरिए ये एक नाजुक मसला है।
'जापान टाइम्स' के अनुसार आर्थिक समझौते से भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूती मिली है। अखबार कहता है, "1.2 अरब की जनसंख्या वाला देश भारत एक तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत और जापान के बीच यह समझौता उस समय हुआ है जब कई एशियाई देश चीन की गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं।"
इससे पहले सोमवार शाम मनमोहन सिंह और जापानी प्रधानमंत्री नाओतो कान के संयुक्त घोषणा पत्र में कहा गया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के साथ ही मंत्रि स्तर पर सीईपीए पर जल्द से जल्द हस्ताक्षर हो जाएगा।
संयुक्त घोषणा पत्र में कहा गया है, "भारत और जापान ने, जैसा कि उसके नाम से ही जाहिर है, वस्तुओं, निवेश, सेवा व्यापार से लेकर बौद्धिक संपदा, प्रतिस्पर्धा, व्यापार का वातावरण सुधारने, द्विपक्षीय सहयोग जैसे क्षेत्रों को शामिल कर भारत-जापान सीईपीए को सचमुच व्यापक बनाने में सफलता हासिल कर ली है।"
इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए मनमोहन सिंह ने एक बयान में कहा कि "सीईपीए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो एशिया के दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक एकजुटता का संकेत करती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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