गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में गुजरात सरकार को नोटिस
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने 2002 में गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश को बदले जाने के लिए दायर याचिका पर गुजरात सरकार को मंगलवार को नोटिस जारी किया।
अदालत ने गोधरा रेल हादसे में फैसला सुनाए जाने के लिए भी रास्ता साफ कर दिया। अदालत ने कहा कि दंगों से सम्बंधित अन्य मामलों की सुनवाई जारी रहेगी। लेकिन गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले की सुनवाई पर रोक जारी रहेगी।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश को बदले जाने की याचिका पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी की ओर से दायर की गई है। एहसान जाफरी की 2002 के दंगे में हत्या कर दी गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने छह मई के अपने आदेश में कोई भी फैसला सुनाने से निचली अदालत पर रोक लगा दी थी।
इससे सम्बंधित एक अन्य घटना के तहत वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में राज्य सरकार द्वारा आपत्ति खड़ा किए जाने के बाद अपने को इस मामले में अदालत के सहयोगी के रूप में अलग कर लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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