गैस पीड़ितों के छलक पड़े आंसू
आचार्य भोपाल प्रवास के दौरान गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति द्वारा गैस पीड़ित इलाके में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे तो पीड़ितों की व्यथा सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गई। हसीना बी बताती है कि उन्हें कैंसर हो गया है। अस्पतालों में इलाज के साथ दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। हाल तो यह हो गया है कि उनके पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि अस्पताल तक पहुंच सकें।
गैस पीड़ित शहजाद खान को भी कैंसर है, सरकार के दावों से वे इत्तेफाक नहीं रखते। कहते हैं कि इलाज सुविधा तो सिर्फ बातें ही है। पीड़ितों के लिए अस्पताल तो खोल दिए गए हैं, मगर चिकित्सक और दवाएं दोनों नहीं है।
गंगा बाई के पति परशुराम को फेंफड़े की बीमारी हो गई है। वे अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। गंगा बाई का भी दर्द यही है कि उन्हें अपने हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
आचार्य ने पीड़ितों को धैर्य बंधाया और कहा कि उनके हित की लड़ाई जारी रहेगी। साढ़े पांच लाख लोगों को मुआवजे से वंचित कर दिया गया है। इसके लिए वे लोकसभा में मामला उठाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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