छह विद्वानों को 50-50 लाख रुपये का इंफोसिस पुरस्कार
ये विजेता हैं कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के गणित विभाग के चंद्रशेखर खरे (गणित), दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की नंदिनी सुंदर (सामाजिक मानव विज्ञान), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के संदीप त्रिवेदी (भौतिक विज्ञान), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के आशुतोष शर्मा (इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर साइंस), इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ, दिल्ली के अमिता बाविस्कर (समाजशास्त्र) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्न ोलॉजी के चेतन ई चिटनिस (जीवन विज्ञान)।
पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा करते हुए इंफोसिस के चेयरमैन और मुख्य संरक्षक एन. आर. नारायणमूर्ति ने कहा कि भारत के निरंतर विकास के लिए वैज्ञानिक शोध जरूरी है और प्रतिभाशाली छात्रों के निरंतर आगमन के लिए जरूरी है कि शोध कार्य में आकर्षण बना रहे।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इंफोसिस पुरस्कार का लक्ष्य शोधार्थियों के विशेष कार्यो को पहचान दिलाकर शोधार्थियों को एक आदर्श बनाना है ताकि युवा वर्ग शोध कार्य को करियर के रूप में अपनाएं।
यह पुरस्कार इंफोसिस साइंस फाउंडेशन के द्वारा प्रदान किया जाता है। इस फाउंडेशन के न्यासियों में मूर्ति के अलावा के. दिनेश और एस. गोपालकृष्णन हैं जो मूर्ति के साथ इंफोसिस के भी सह संस्थापक हैं। गोपालकृष्णन जहां अभी इंफोसिस के अध्यक्ष हैं वहीं के. दिनेश इस फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं।
यह पुरस्कार भारत में इस क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वाधिक राशि के पुरस्कारों में से एक है। फाउंडेशन के पास अभी कुल सौ करोड़ रुपये की राशि है, जिसमें से 45 करोड़ की राशि इंफोसिस के कार्यकारी बोर्ड सदस्यों के द्वारा दान में दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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