बातचीत नहीं, कार्रवाई से परिभाषित होगा ओबामा का भारत दौरा : अमेरिका
अमेरिकी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पिछले नवम्बर में हुए मनमोहन सिंह के सरकारी दौरे का जिक्र करते हुए कहा, "जब से राष्ट्रपति ओबामा आपके प्रधानमंत्री के साथ वाशिंगटन में मिले हैं, तभी से हमारे बीच कुछ अच्छी बातें चल निकली हैं।"
अधिकारी ने कहा, "एक वर्ष बाद भी हम उस बारे में सिर्फ बातचीत ही नहीं करते रहना चाहते, बल्कि स्पष्ट रूप में यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि साझेदारी किस तरह महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ेगी।"
अधिकारी के अनुसार अमेरिका ने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार के इस वर्ष 50 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है और आगे इसमें गुणात्मक वृद्धि की उसे उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा, "वर्ष 2004 और 2008 के बीच हमारे बीच दोतरफा व्यापार दोगुना होकर 43 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। वर्ष 2009 में इसमें थोड़ी गिरावट आई। लेकिन आगे का भविष्य उत्साहवर्धक है।"
अधिकारी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि रक्षा, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ उर्जा, व्यापार, बाजार उपलब्धता, और उच्च प्रौद्योगिकी का निर्यात जैसे मुद्दे ओबामा के एजेंडे में शीर्ष पर होंगे।
अधिकारी ने आगे कहा, "आज जो चिंताएं अमेरिका की हैं, वही चिंताएं भारत की हैं। और जो चिंताएं भारत की हैं, वही चिंताएं अमेरिका की हैं। यदि हम इन मुद्दों पर आगे बढ़ते हैं, तो यह आगे बढ़ने की एक बड़ी पहल होगी।"
अधिकारी ने कहा, "जी हां, कई सारे मुद्दे होंगे, जिन पर हम बातचीत करेंगे- बाजार उपलब्धता के बारे में बातचीत स्वाभाविक ही है। लेकिन हमारे बीच दाता और दान लेने वाले का रिश्ता अब लंबे समय तक नहीं रहने वाला है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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