शब्बीर के परिजनों से वार्ताकारों ने भेंट की
'जम्मू एंड कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी' के अध्यक्ष शाह को इस समय हिरासत में हैं और उन्हें पैरोल पर रिहा होने से इंकार कर दिया है। जबकि प्रशासन ने शाह के गिरते स्वाथ्य को देखते हुए उन्हें पेरौल पर रिहा करने का निर्णय लिया था। शाह को दो वर्षो से अधिक समय से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक कश्मीर मसले के वार्ताकार पत्रकार दिलीप पडगांवकर, राधा कुमार और सूचना आयुक्त एम. एम. अंसारी ने सोमवार सुबह शाह के आवास पर जाकर उनके परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
पार्टी के एक सूत्र ने बताया, "शब्बीर शाह ने पैरोल पर रिहा नहीं होने का फैसला किया है। यदि प्रशासन शाह को वास्तव में रिहा करना चाहता है तो उसे उन पर लगा पीएसए हटाना होगा।"
सूत्रों के मुताबिक राधा कुमार ने सोमवार शाम को कुछ छात्र संगठनों से मिलने की योजना बनाई है।
उल्लेखनीय है कि ये वार्ताकार चार दिवसीय दौरे के तहत कश्मीर घाटी में हैं। सूत्रों के मुताबिक वार्ताकार सोमवार को कुछ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे।
उधर, हुर्रियत के कट्टरपंथी और नरमपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी और मीर वाइज उमर फारुक ने कहा है कि वे इन वार्ताकारों से मुलाकात नहीं करेंगे। इसके अलावा इन नेताओं ने स्थानीय व्यापारियों और छात्र संगठनों से भी वार्ताकारों से न मिलने की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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