अमेरिका ने कश्मीर पर मध्यस्थता की मांग ठुकराई

अमेरिका के साथ सामरिक वार्ता के लिए वाशिंगटन पहुंचे कुरैशी ने कहा था कि राष्ट्रपति बराक ओबामा को अपने भारत दौरे के समय कश्मीर का मसला उठाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से इस मामले पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आह्वान किया था।
इस बारे में पूछे जाने पर शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पी. जे. क्राउले ने कहा, "हमारा मानना है कि कश्मीर एक ऐसा मामला है जिसे भारत और पाकिस्तान को खुद सुलझाना चाहिए।"
प्रवक्ता ने कुरैशी की मांग को अनुचित मानने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम जब भी वार्ता करते हैं तो अमेरिका और पाकिस्तान किसी भी मसले को सामने ला सकते हैं। पाकिस्तान ने हमारे सामने पहले भी कश्मीर का मसला उठाया है। यह कोई नई बात नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि इस मसले पर पाकिस्तान का रुख सभी जानते हैं। परंतु इस मामले पर अमेरिका की नीति स्पष्ट है। हम मानते हैं कि कश्मीर एक ऐसा मुद्दा है जिसे भारत और पाकिस्तान को आपस में मिलकर हल करना है।"
कश्मीर में मानवाधिकार के कथित उल्लंघन का मामला पाकिस्तान द्वारा उठाए जाने पर अमेरिका के चिंता जताने से जुड़े सवाल पर क्राउले ने कहा, "हम कश्मीर के हालात को चिंताजनक मानते हैं। वहां की स्थिति को सुधारने के लिए भारत और पाकिस्तान को निरंतर प्रयास करने चाहिए।"
पाकिस्तान को दो अरब डॉलर की सैन्य सहायता दिए जाने के मामले पर उन्होंने कहा, "भारत यह जानता है कि हम पाकिस्तान को किसी तरह की सहायता मुहैया कराते हैं। इसी तरह भारत के साथ हमारे संबंध के बारे में पाकिस्तान को भी पता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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