लेजर सर्जरी से दूरदृष्टि दोष का इलाज संभव
लंदन, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। वर्तमान में निकट दृष्टि दोष के इलाज के लिए लेजर सर्जरी का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब पता चला है कि इससे उम्र के साथ विकसित होने वाले दूरदृष्टि दोष का इलाज भी हो सकता है।
यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो पढ़ने-लिखने के लिए चश्मे की जरूरत समाप्त हो जाएगी।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक नेत्र लैंस का लचीलापन कम होने की वजह से नजदीक की वस्तुओं को देखने में परेशानी होती है।
यूरोप और अमेरिका की तीन प्रयोगशालाओं में हुए नए शोध से लचीलेपन में कमी के कारण नेत्र लैंस में पैदा होने वाले दोषों को दूर करने की दिशा में उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है।
लेजर तकनीक से होने वाले इलाज में आंख की पुतली को दोबारा से सेट किया जाता है और इसकी बाहरी तह के आकार में सुधार किया जाता है।
शोधकर्ता इयोनिस पैलिकैरिस कहते हैं कि लेजर तकनीक से इलाज के बाद 98 प्रतिशत मरीज अपनी दृष्टि से संतुष्ट थे, 69 प्रतिशत की दृष्टि में बहुत बेहतर और 30 प्रतिशत की दृष्टि में अच्छा सुधार देखा गया, 92 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्हें चश्मे का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा।
वैसे निकट दृष्टि दोष के इलाज के लिए ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर लेजर तकनीक का इस्तेमाल होता है लेकिन केवल कुछ ही चिकित्सक दूर दृष्टि दोष या प्रेसबायोपिया के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications