सर्वोच्च न्यायालय में संसार चंद की याचिका खारिज
चंद की याचिका खारिज करने का फैसला न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काट्जू और न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर की खण्डपीठ ने सुनाया।
चंद को 2003 में तेंदुए और बाघ की खालों की तस्करी करने के मामले में दोषी करार देते हुए पांच साल कैद की सुनाई गई थी। 2006 में चंद ने यह स्वीकार किया था कि उसने बाघों की 470 खालें और तेंदुए की 130 खालें नेपाल और तिब्बत के ग्राहकों को बेची थीं। उसने यह बात केंद्रीय जांच ब्यूरो के समक्ष स्वीकार की थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने चार अक्टूबर को इस मामले में चंद को जमकर फटकार लगाई थी। न्यायालय ने कहा, "बाघों और तेंदुओं की संख्या घट रही है क्योंकि तुम जैसे लोग इनकी खालों की तस्करी करते हैं। सारिस्का में अब कोई चीता नहीं बचा है।"
चंद से न्यायालय ने कहा, "ज्यादा पैसा बनाने के लिए तुम बाघों और तेदुओं की खालें बेच रहे हो। ऐसे में कल तुम इंसानों की खालों का भी सौदा कर दोगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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