पारदर्शिता समिति के प्रमुख के अधिकार बहाल
उच्च न्यायालय ने 21 मई के अपने आदेश में केंद्रीय सूचना आयोग (प्रबंधन) अधिनियम 2007 को रद्द कर दिया था। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि मुख्य सूचना आयुक्त के पास अन्य पीठों के गठन का कोई अधिकार नहीं है।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी.सथशिवम और न्यायमूर्ति बी.एस.चौहान की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसके पहले महान्यायवादी जी.वाहनवती ने अदालत को बताया कि उच्च न्यायालय के इस आदेश से केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।
वाहनवती ने यह भी कहा कि मुख्य सूचना आयुक्त मामलों की सुनवाई के लिए पीठों का गठन कर पाने में अक्षम हो गए हैं।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की धारा 12(4) में कहा गया है कि केंद्रीय सूचना आयोग के मामलों का सामान्य अधीक्षण, निर्देशन और प्रबंधन मुख्य सूचना आयुक्त के अधिकार में होगा। अन्य सूचना आयुक्त इस काम में उनकी सहायता करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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