सुनवाई के दौरान कसाब ने कैमरे पर थूका
निचली अदालत द्वारा आतंकवादी कसाब को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद इस मामले में सुनवाई सोमवार से मुम्बई उच्च न्यायालय में शुरू हुई है। सुरक्षा कारणों के चलते कसाब को आर्थर रोड जेल में रखा गया है।
इस घटना के बाद जेल अधिकारियों ने कैमरे को बंद कर दिया और इसके बारे में न्यायालय को अवगत कराया।
जेल अधिकारियों ने बताया कि कसाब सुनवाई के पहले दिन से ही दुर्व्यवहार कर रहा है। इस दौरान वह कैमरे पर आया और कहा कि उसे अमेरिका भेज दिया जाए क्योंकि वह नहीं जानता कि उसे किस जुर्म में यहां रखा गया है।
इस पर मामले की सुनवाई कर रही न्यायाधीश रंजना देसाई और न्यायाधीश आर.वी. मोरे की पीठ ने कहा कि उसे अपने वकीलों से पूछना चाहिए कि उसे किस जुर्म में सजा हुई है।
कसाब ने न्यायालय में सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की मांग की, लेकिन पीठ ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उसकी मांग को ठुकरा दिया।
कसाब के वकील ने भी माना कि सुरक्षा कारणों के चलते उसे सुनवाई के लिए बाम्बे उच्च न्यायालय नहीं लाया जा सकता।
उल्लेखनीय है कि न्यायालय के समक्ष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने सोमवार को कसाब को निचली अदालत से मिली फांसी की सजा के फैसले के पक्ष में जिरह किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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