राष्ट्रमंडल खेल : शीला पर फिर बरसे कलमाडी
समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन से बातचीत के दौरान कलमाडी ने कहा, "मैं अब तक सिर्फ इसलिए चुप था क्योंकि मैं इस खेल को सफल होते देखना चाहता था। मेरी इस चुप्पी को कमजोरी समझ लिया गया। अब खेल समाप्त हो चुके हैं। अब मैं बोलूंगा और इसी सम्बंध में मैंने शीला को कहा है कि वह अपने विभागों की व्यवस्था को देखें। आयोजन समिति पर अंगुली उठाना उनके लिए ठीक नहीं।"
"शीला के पास खेलों से जुड़ी तैयारियों के लिए 16,000 करोड़ का बजट था लेकिन मैंने उन पर कभी भी किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया। मेरा बजट तो सिर्फ 1600 करोड़ रुपये का था। निर्माण कार्य मेरे जिम्मे नहीं था। क्या शीला के पास इसका जवाब है?"
कलमाडी ने कहा कि खेलों की तैयारियों के दौरान लोगोंे ने कई मौकों पर बेवजह ही उनकी आलोचना की। कलमाडी ने कहा, "नेहरू स्टेडियम का पैदल पुल गिरा तो मेरी आलोचना हुई। इससे मेरा क्या लेना-देना था। इसके लिए दिल्ली सरकार और लोक निर्माण विभाग जवाबदेह हैं। प्रधानमंत्री ने जब जांच के आदेश दे दिए हैं तब शीला को इस बारे में बयान नहीं देना चाहिए।"
कलमाडी ने कहा कि विदेशी मीडिया में तमाम नकारात्मक खबरों के बावजूद भारत का सपना ओलम्पिक की मेजबानी है। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया का मानना है कि हमें ओलम्पिक की मेजबानी करनी चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के अध्यक्ष जाक रॉग भी हमारी तैयारी से प्रभावित थे। उन्होंने भी कहा कि भारत को ओलम्पिक मेजबानी के लिए दावा पेश करना चाहिए।"
"यह बहुत बड़ा फैसला होगा और इसके लिए हमें सरकार को विश्वास में लेना होगा। खेलों से जुड़े मामलों के बादल छंटने दीजिए, फिर इस संबंध में बात की जाएगी। हम इस मेजबानी के लिए तैयार हैं और निश्चित तौर पर हम दावा पेश करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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