मुंबई हमले की साजिश में शामिल थी आईएसआई : रिपोर्ट (लीड-1)
यह खुलासा ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द गार्जियन' ने किया है। अखबार ने भारतीय अधिकारियों द्वारा हेडली से की गई पूछताछ की रिपोर्ट के हवाले से पूरी साजिश में आईएसआई की संलिप्तता का उल्लेख किया है। यह रिपोर्ट 109 पृष्ठों की है और इसमें आईएसआई द्वारा मुम्बई को दहलाने की साजिश में पूरी मदद देने की बात कही गई है।
इस रिपोर्ट के अनुसार पूछताछ के दौरान शिकागो की जेल में बंद पाकिस्तानी आतंकवादी हेडली ने बताया कि उसने 26 नवम्बर, 2008 की घटना की साजिश के सिलसिले में आईएसआई के अधिकारियों और आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कई शीर्ष आतंकवादियों से मुलाकात की थी। उल्लेखनीय है कि मुम्बई हमले के लिए पाकिस्तानी संगठन लश्कर को ही जिम्मेदार माना जाता है।
हेडली ने यह भी कहा कि पूरे हमले को अंजाम देने तक वह आईएसआई के संपर्क में बना रहा और इसके लिए उसे इस पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ओर से पूरी मदद दी गई। मुम्बई हमले में 166 लोग मारे गए थे।
पूछताछ के दौरान हेडली ने बताया कि आईएसआई ने कम से कम उसके दो दौरों का वित्तीय खर्च उठाया और वह आईएसई को नियमित रूप से अपने काम की जानकारी देता था।
रिपोर्ट में कहा गया कि आतंकवादियों पर आईएसआई का नियंत्रण अव्यवस्थित रूप में था और यह भी हो सकता है कि उच्च अधिकारी इस गठजोड़ से अवगत न हो या इस हमले की साजिश की व्यापकता के बारे में नहीं जानते हों।
भारतीय जांचकर्ताओं ने इस साल जून में अमेरिका की जेल में हेडली से 34 घंटे तक पूछताछ की थी।
हेडली ने कहा, "आईएसआई को भारत पर हमले की जरूरत को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं थी।"
हेडली ने कहा कि एजेंसी का लक्ष्य कश्मीर स्थित संगठनों में उपलब्धि मिलने का भाव पैदा करके उन्हें विभाजन से रोकना था। यह पाकिस्तान की धरती से भारत पर हुआ हमला था।
उसने सैन्य खूफिया तंत्र के मेजर कामरान के साथ और मेजर इकबाल और मेजर समीर अली के साथ हुई अपनी बैठकों का खुलासा किया।
उसने कहा कि आईएसआई के महानिदेशक लेफिटिनेंट जनरल शुजा पाशा ने हमले के बाद इसके बारे में बातचीत के लिए लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकी से जेल में मुलाकात की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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