बिहार चुनाव : थम गया पहले चरण के प्रचार का शोर (लीड-1)
बिहार के 243 विधानसभा सीटों के लिए छह चरणों में होने वाले चुनाव के पहले चरण में 47 सीटों के लिए 636 प्रत्याशी चुनावी समर में हैं। इनमें सतारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के 26 उसकी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 21, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 31, राजद की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के 16, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सात और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 33 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
प्रथम चरण में मधुबनी, अररिया, सुपौल, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा जिले की 47 सीटों पर चुनाव होने हैं।
सभी राजनीतिक दलों ने पहले चरण में होने वाले चुनाव के लिए चुनावी प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। कांग्रेस ने जहां अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी सहित कई फिल्मी सितारों को चुनाव प्रचार में उतारा, वहीं भाजपा की तरफ से अध्यक्ष नीतीन गडकरी, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, रविशंकर प्रसाद, अरूण जेटली, स्मृति ईरानी, नवजीत सिंह सिद्घू ने प्रचार किया।
इसके अलावा जद (यु) के लिए अध्यक्ष शरद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वोट मांगे तो बसपा के लिए खुद मायावती मैदान में उतरीं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से लालू प्रसाद, रघुवंश प्रसाद सिंह, राबड़ी देवी ने चुनावी प्रचार किया तो लोक जनशक्ति पार्टी के लिए रामविलास पासवान ने प्रचार किया और वोट मांगे।
पहले चरण में जहां कांग्रेस ने दावा किया कि केन्द्र के पैसों से बिहार का विकास हुआ है वहीं उसने राज्य सरकार पर यह केंद्रीय धनराशि का सदुपयोग नहीं कर पाने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ भाजपा और जद (यु) ने विकास के मामले में केन्द्र से सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया तथा राज्य में कार्यसंस्कृति में बदलाव को मुख्य मुद्दा बनाया। वहीं राजद और लोजपा ने राज्य के विकास कार्यो में भ्रष्टचार को मुख्य मुद्दा बनाया।
प्रथम चरण के चुनाव में जिन दिग्गजों के भाग्य का फैसला होने वाला है उनमें जद (यु) के मंत्री नरेन्द्र प्रसाद यादव, रेणु कुमारी, जेल में बंद पूर्व सांसद पप्पु यादव की पत्नी एवं कांग्रेस की प्रत्याशी रंजीता रंजन, कांग्रेस की बिहार इकाई के अध्यक्ष महबूब अली कैसर, जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी एवं कांग्रेस प्रत्याशी लवली आनंद, नीतीश मिश्रा, माकपा से चुनाव लड़ रहे पूर्व विधायक अजीत सरकार के पुत्र अमित सरकार प्रमुख हैं।
परिसीमन के बाद पहली बार होने वाले इस चुनाव में सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर कई तरह के एहतियाति कदम उठाए हैं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कुमार अंशुमाली ने मंगलवार को बताया कि प्राय: सभी मतदान केन्द्रों पर अद्र्घसैनिक बलों की तैनाती की योजना है।
उन्होंने बताया कि जिन मतदान केन्द्रों पद केन्द्रीय अद्र्घसैनिक बलों की तैनाती नहीं होगी वहां अन्य आर्म्ड फोर्स होगी। बूथों की निगरानी के लिए माइक्रो आब्जर्वर होंगे। इसके अलावा 20 प्रतिशत मतदान केन्द्रों पर लाइव वेब कॉस्टिंग की व्यवस्था होगी। इसके जरिये मतदान केन्द्र की प्रत्येक गतिविधियों पर निर्वाचन आयोग, निर्वाचन विभाग और संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी नजर रखेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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