वैज्ञानिक ज्ञान के विकास और उपयोग में तेजी लाएं : प्रधानमंत्री
हैदराबाद 'एकेडमी ऑफ साइंसेज फॉर डेवलपिंग वर्ल्ड' के 21वें वार्षिक बैठक का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने विकासशील देशों को विज्ञान पर और अधिक ध्यान देने की सलाह दी। एकेडमी ऑफ साइंसेज फॉर डेवलपिंग वर्ल्ड को पहले 'थर्ड वल्र्ड एकेडमी ऑफ साइंसेज' (टीडब्ल्यूएएस) नाम से जाना जाता था।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें विज्ञान और उसके वैज्ञानिक ढांचे, जैसे कि स्कूल और प्रयोगशालाओं में निवेश करने की आवश्यकता है। हमें एक ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता है जिससे रचनात्मकता और उत्कृष्टता पैदा हो सके।"
विकासशाील देशों के बीच एक सुसंगठित तकनीक तथा वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों में विशेषज्ञता की कमियों की तरफ इशारा करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि विकसित देशों के वैज्ञानिक समुदायों को आपसी सहयोग की जरुरत है।
उन्होंने कहा, "हम अकेले किसी समस्या को हल नहीं कर सकते। सभी के एकसाथ मिलकर काम करने से ही किसी समस्या का हल निकलेगा।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि विकसित देश लगभग एक तरह की ही समस्याओं का सामना कर रहे हैं चाहे वह घातक बीमारियां का सामना हो, पारंपरिक कृषि की समस्याओं से जूझना हो या फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का सवाल हो। इन परेशानियों की तरफ विकसित देशों का ध्यान नहीं जाएगा और न ही हमें उनसे किसी तरह की उम्मीद करनी चाहिए।
मनमोहन सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के सबसे अधिक विनाशकारी प्रभाव विकसित देशों में ही है। इस क्षेत्र की समस्याओं से निदान की वैज्ञानिक प्रक्रियाएं विकसित देशों के वैज्ञानिकों के पास ही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विकसाशील देशों को एक साथ मिलकर जोरदार ढंग से आवाज उठाए जाने की आवश्यकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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