पांच सालों में बदल गई है बिहार की तस्वीर : आडवाणी (लीड-1)
उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो राजनीतिक दलों को पूंजीपतियों के चंदे से बचना होगा और किसी भी देश को उसके मतदाता ही उन्नत बनाते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को मुजफ्फरपुर में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि आज कांग्रेस के नेता कहते हैं कि बिहार में उन्होंने विकास के लिए संसाधन उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने पूछा की क्या ये संसाधन कांग्रेस के हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में ऐसी व्यवस्था है कि वह राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराए।
उन्होंने मतदाताओं को कहा कि मतदाता ही देश को उन्नत बना सकते हैं। आडवाणी ने कहा कि 1977 के लोकसभा चुनाव में मतदाता ने ही कांग्रेस के आपातकाल का जबाब दिया था। उन्होंने मतदाताओं से एक बार फिर कांग्रेस पर मिलकर प्रहार करने की अपील की। उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर की विधानसभा में वहां के मुख्यमंत्री द्वारा कश्मीर के विषय में दिए गए बयान की भी निंदा की।
इसके पूर्व आडवाणी ने मोतिहारी में एक चुनावी सभा में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज यहां के लोगों के लिए समय है कि पिछले 15 वर्ष और पांच वर्ष की तुलना करें। उन्होंने कहा कि 15 वर्षो के राजद के शासनकाल में बिहार में जो अराजकता की स्थिति बनी थी उससे पूरा बिहार बदनाम हो गया था लेकिन आज जब बाहर के लोग भी आते हैं तो उन्हें बिहार में बदलाव नजर आता है।
उन्होंने कहा कि राजद और कांग्रेस में कोई अंतर नहीं है। देर-सबेर दोनों एक हो जाएंगे। आडवाणी ने कहा कि पिछली राजद सरकार में भी कांग्रेस की सहभागिता थी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे शासन के आधार पर वोट दें।
उन्होंने राजनीति में बढ़ रहे परिवारवाद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज भाजपा और जनता दल (युनाइटेड) को छोड़ सभी पार्टियों में परिवारवाद का साया पड़ा है। उन्होंने नीतीश को योग्य व्यक्ति बताते हुए कहा कि मतदाता को तय करना है कि आज यहां अराजक सरकार हो या कानून की सरकार।
गौरतलब है कि मोतिहारी में सोमवार को कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी एक चुनावी सभा को सम्बोधित किया था।
आडवाणी मगंलवार को मोतिहारी और मुजफ्फरपुर के अलावा दरभंगा में चुनावी सभा को सम्बोधित करने के लिए बिहार के दौरे पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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